एसएसपी जम्मू ने कहा कि यह अभियान जारी रहेगा और निगरानी बढ़ाई जाएगी।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू जिले में मवेशी तस्करी विशेषकर गोवंश की तस्करी के खिलाफ जम्मू पुलिस ने वर्ष 2025 के दौरान सख्त अभियान चलाते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। आपरेशन कामधेनु के तहत पुलिस ने न केवल संगठित मवेशी -तस्करी नेटवर्क पर प्रहार किया, बल्कि जनभावनाओं की रक्षा और पशु संरक्षण कानूनों के प्रभावी ढंग से लागू किया है।
जिला पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के दौरान जम्मू जिले में मवेशी-तस्करी से जुड़े 188 मामले दर्ज किए गए। गहन जांच और कानूनी कार्रवाई के जरिए 248 मामलों का निपटारा किया गया। इस दौरान 217 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो सीधे तौर पर अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे।
सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर पुलिस ने 1514 गोवंश को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया, जिससे बड़े पैमाने पर पशु क्रूरता को रोका जा सका।
अभियान के तहत पुलिस ने 177 वाहनों को जब्त किया, जिनका इस्तेमाल गोवंश तस्करी में किया जा रहा था। वहीं, बार-बार इस अपराध में लिप्त पाए गए 7 आदतन तस्करों को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत हिरासत में लेकर जेल भेजा गया। इसके अलावा 8 कुख्यात तस्करों की हिस्ट्री शीट खोली गई है, ताकि उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। 10 वाहनों को ब्लैकलिस्ट भी किया गया है, जो बार-बार तस्करी के मामलों में सामने आए थे।
एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस किसी भी सूरत में ऐसे संगठित अपराध को बर्दाश्त नहीं करेगी, जो जनभावनाओं को ठेस पहुंचाए और कानून का उल्लंघन करे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कामधेनु एक निरंतर मिशन है और आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उनके अनुसार आने वाले समय में निगरानी और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जाएगा, ताकि मवेशी-तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। |