रेस्क्यू किए गए बच्चों को लेजाते हुए टीम।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। अमृतसर जिले में बच्चों से भीख मंगवाने और उनके शोषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0 के तहत विशेष अभियान तेज कर दिया है। गुरुवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) की अगुवाई में डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स (डीटीएफ) की टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में संयुक्त कार्रवाई की।
इस दौरान रंजीत एवेन्यू सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से 6 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। फिलहाल सभी बच्चों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर (डीसीपीओ) तरनजीत सिंह ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और उन्हें भीख मांगने या शोषण जैसी परिस्थितियों से बाहर निकालना है।
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उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई डिप्टी कमिश्नर (डीसी) दलविंदरजीत सिंह के कार्यालय में आई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में बताया गया था कि रंजीत एवेन्यू स्थित पाईटेक्स ग्राउंड के पास अक्सर बच्चे गाड़ियों के पास आकर लोगों को परेशान करते हैं।
बच्चों से नियमित रूप से मंगवाई जाती है भीख
डीसीपीओ ने बताया कि रेस्क्यू किए गए बच्चों में कुछ ऐसे हैं जिन्हें नियमित रूप से भीख मांगने के लिए भेजा जाता था। सभी बच्चों की काउंसलिंग करवाई जा रही है और उनके परिवारों व संरक्षकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी बच्चे को दुबारा सड़कों पर भीख मांगने के लिए न भेजा जाए।
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पहले भी हो चुकी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि इससे एक दिन पहले भी लारेंस रोड और शहर के अलग-अलग चौराहों पर गुब्बारे बेचने वाले नाबालिगों को हटाया गया था, क्योंकि कई बच्चे जबरन सड़क पर भेजे जाते थे।
जिला प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी बच्चे को भीख मांगते, बेगार करते या किसी भी प्रकार से शोषण की स्थिति में देखे, तो तुरंत डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट (डीसीपीयू) को सूचना दे, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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