जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। प्रखंड के चमुआ गांव में देर रात भीषण अगलगी की घटना में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई है।
आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते चार फूसनुमा घर जलकर राख हो गए। घटना के दौरान पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
जानकारी के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित मोहल्ले में धुरंधर यादव (50) ने फूस की पशुशाला बना रखी थी। पशुओं को बांधने के साथ ही उन्होंने उसी में अपने रहने की भी व्यवस्था कर रखी थी।
एक ओर मवेशी बंधे थे और दूसरी ओर वह सोए हुए थे। देर रात अचानक पशुशाला में आग लग गई। आग की लपटें उठती देख उन्होंने तत्परता दिखाते हुए एक-दो मवेशियों को बाहर निकाल लिया।
ऊपर गिरा फूस का छप्पर
बताया जाता है कि इसके बाद वे अंदर रखे रुपये अथवा कुछ जरूरी सामान निकालने के लिए दोबारा पशुशाला में घुस गए। इसी दौरान धू-धू कर जल रहा फूस का छप्पर उनके ऊपर गिर पड़ा। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
धू धू कर जल रहे घर। (सौ. ग्रामीण)
घटना में दो भैंसा भी बुरी तरह झुलस गए हैं। आग लगने के कारणों को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि बगल से गुजर रही एक बारात में पटाखा छोड़ने के दौरान निकली चिंगारी से आग लगी।
वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि मवेशियों को ठंड व मच्छर से बचाने के लिए जलाए गए अलाव से हादसा हुआ। फूस के बने घर होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में मधुबन यादव, कन्हैया यादव समेत चार लोगों के घर उसकी चपेट में आ गए।
मौके पर पहुंचा अग्निशमन दल
ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के आगे वे बेबस नजर आए। सूचना मिलते ही नरकटियागंज अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निशमन विभाग की एसआई खुशबू ने एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है। प्रशासन प्रभावित परिवारों की क्षति का आकलन कर रहा है।
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