कपकोट क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी उजागर, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी। जागरण
जागरण संवाददाता, बागेश्वर। कपकोट क्षेत्र के दुर्गम गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। बदियाकोट से मात्र पांच किमी दूर स्थित पटाक गांव तक सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को आज भी डोली का सहारा लेना पड़ रहा है। ताजा मामला पटाक गांव का है, जहां एक बुजुर्ग के घायल होने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें कंधों पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया।
बदियाकोट के पटाक गांव निवासी 80 वर्षीय रतन राम देर शाम स्थानीय बाजार से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पैर फिसलने से वह गिर गए, जिससे उनके पैर और सिर पर गंभीर चोटें आ गईं। घायल बुजुर्ग पूरी रात दर्द से कराहते रहे। सुबह होने पर गांववासियों ने उन्हें डोली में रखकर पांच किमी की कठिन चढ़ाई-उतराई पार कर बदियाकोट तक पहुंचाया। वहां पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन एंबुलेंस खाईबगड़ नामक स्थान पर खराब हो गई। इसके बाद मजबूरी में घायल को निजी वाहन से जिला अस्पताल लाया गया।
स्थानीय निवासी सूरज कुमार, देवेंद्र राम, भजन राम और घायल के पुत्र किशनराम ने कहा कि यदि शीघ्र पटाक गांव को सड़क से नहीं जोड़ा गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, गांव के भगवत कुमार ने कहा कि हिमालय की तलहटी में बसे होने के बावजूद आज भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
21 वीं सदी में भी रोगी, महिलाएं, गर्भवती को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इधर, क्षेत्रीय विधायक कपकोट सुरेश गढ़िया ने कहा कि पटाक गांव को सड़क से जोड़ने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। हर गांव तक सड़क पहुंचाना उनका लक्ष्य है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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