deltin33 • The day before yesterday 15:56 • views 978
ED ने बंगाल पुलिस और प्रशासन पर सबूत छीनने का लगाया आरोप (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईडी की ओर से कहा गया है कि गुरुवार को ईडी मुख्यालय इकाई ने कोयला तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बंगाल और दिल्ली में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की।
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलएम) के तहत की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह सिंडिकेट अनूप माजी के नेतृत्व में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के पट्टा क्षेत्रों से अवैध रूप से कोयला निकालने और चोरी करने में संलिप्त है।
तलाशी के दौरान उपजा विवाद
ईडी ने स्पष्ट किया है कि तलाशी अभियान की शुरुआत शांतिपूर्ण ढंग से हुई थी। हालांकि, एजेंसी का आरोप है कि बंगाल की मुख्यमंत्री के पुलिस बल और राज्य प्रशासन के अधिकारियों के साथ आगमन के बाद स्थिति बदल गई। ईडी के मुताबिक, दो परिसरों में तलाशी के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कथित तौर पर हस्तक्षेप किया और वहां से भौतिक दस्तावेज एवं इलेक्ट्रानिक साक्ष्य जबरन हटा दिए।
राजनीतिक संलिप्तता से इनकार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने एक स्पष्टीकरण जारी किया है। एजेंसी ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई केवल साक्ष्यों पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी भी राजनीतिक दल या प्रतिष्ठान को निशाना बनाना नहीं है। विभाग ने जोर देकर कहा कि इस दौरान किसी भी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई है।
कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा
ईडी के अनुसार, इस छापेमारी का आगामी या वर्तमान चुनावों से कोई संबंध नहीं है। यह मनी लांड्रिंग के खिलाफ नियमित रूप से की जाने वाली कार्रवाई का एक हिस्सा है। जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया स्थापित कानूनी सुरक्षा उपायों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही संचालित की जा रही है।
बंगाल भाजपा ने ईडी की छापेमारी को बताया संवैधानिक
बंगाल भाजपा की प्रदेश इकाई ने राजनीतिक परामर्श फर्म आइ-पैक के प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास व कार्यालयों पर गुरुवार को ईडी की छापेमारी की कार्रवाई को सही ठहराते हुए इसे पूरी तरह साक्ष्य आधारित और संवैधानिक बताया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने इस कारवाई की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारियों ने तलाश अभियान के दौरान पार्टी की हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संवेदनशील संगठनात्मक डाटा जब्त करने का प्रयास किया। ममता ने छापेमारी को राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक बताया।
इन आरोपों के बीच प्रदेश भाजपा ने एक बयान जारी कर कहा- ईडी द्वारा की जा रही कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्य आधारित और कानूनी प्रक्रिया के तहत है। भाजपा ने दावा किया कि यह कार्रवाई अवैध कोयला तस्करी और मनी लांड्रिंग से जुड़े मामलों में हो रही है, न कि किसी चुनाव या राजनीतिक दल के खिलाफ। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि कानून को बिना राजनीतिक दबाव अपना काम करने देना ही लोकतंत्र और संविधान की मजबूती का आधार है।
भाजपा डकैतों और लोकतंत्र की हत्या करने वाली पार्टी- सीएम ममता
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास व कार्यालयों पर गुरुवार को हुई छापेमारी से बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़क गईं। केंद्र पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा डकैतों और लोकतंत्र की हत्या करने वालों की पार्टी है
ममता बनर्जी, ईडी की कार्रवाई के बीच पहले प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पहुंचीं और उसके बाद साल्टलेक सेक्टर-5 स्थित आई-पैक के कार्यालय भी गईं। आई-पैक कार्यालय से बाहर निकलने के बाद ममता ने पत्रकारों से बातचीत में भाजपा, केंद्र सरकार और ईडी पर गंभीर आरोप लगाए। ममता ने कहा कि एसआईआर और केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से भाजपा राजनीतिक हित साधने के लिए बंगाल को निशाना बना रही है।
ममता का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर के नाम पर लाखों नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए और अब यह छापेमारी की जा रही है, जिसे वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी। ममता ने दावा किया कि छापेमारी के बहाने ईडी ने तृणमूल कांग्रेस की हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज, संवेदनशील संगठनात्मक डेटा और उम्मीदवारों की गोपनीय सूची चुरा ली है। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को चुनाव में तृणमूल को नुकसान पहुंचाने का एक षड्यंत्र करार दिया।
इससे पहले जैन के आवास से बाहर निकलते समय भी ममता ने आरोप लगाया था कि ईडी के अधिकारी तलाशी अभियान के दौरान पार्टी की रणनीतियां और डेटा जब्त करने का प्रयास कर रहे थे। बनर्जी ने इस छापेमारी को पूरी तरह \“राजनीतिक रूप से प्रेरित\“ और \“अलोकतांत्रिक\“ बताया। ज्ञात हो कि आई-पैक तृणमूल कांग्रेस के चुनावी प्रबंधन के साथ-साथ पार्टी के आईटी सेल की जिम्मेदारी भी संभालती है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि वे हमारी पार्टी की हार्ड डिस्क, रणनीति और योजनाओं को चुराने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? क्या राजनीतिक दलों के गोपनीय दस्तावेज एकत्र करना ईडी का काम है?
अमित शाह पर ममता का निशाना
इस कार्रवाई को डराने-धमकाने का प्रयास बताते हुए ममता ने कहा कि यह कानून का पालन नहीं, बल्कि बदले की राजनीति है। उन्होंने आगे कहा कि देश के गृह मंत्री एक रक्षक की तरह नहीं, बल्कि एक दमनकारी की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
बंगाल में सियासी भूचाल! I-PAC में ED छापामारी के दौरान पहुंचीं CM ममता, बीजेपी ने जांच में दखल का लगाया आरोप |
|