स्वजन को 25 लाख की सहायता दिलाने की उठाई गई मांग।
संवाद सूत्र, कप्तानगंज। ओवरलोड गन्ना लदे ट्रालों से हो रही दुर्घटनाओं के विरोध में सपा नेता व पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने ट्रालों को रोककर लगभग दो घंटे तक धरना दिया। तहसीलदार ने दूरभाष पर जिलाधिकारी से बातचीत कराई और कार्रवाई का आश्वासन दिया तो धरना स्थगित किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित क्रय केंद्रों से ओवरलोड गन्ना लादकर विभिन्न चीनी मिलों में जाने वाले ट्रैक्टर-टालों से जनपद में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसको लेकर पूर्व राज्यमंत्री की ओर से प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई थी। मंगलवार की सुबह जगदीशपुर चौराहे पर कप्तानगंज कस्बा के चकबंदी चौराहे के रहने वाले आनंद दूबे की गनना लदे ओवरलोड ट्राला की चपेट में आने से मृत्यु हो गई थी।
इससे नाराज पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सपा कार्यकर्ताओं के साथ बुधवार की शाम आजाद चौक पर ओवरलोड गन्ना लदे ट्रालों को रोककर धरने पर बैठ गए। इससे आवागमन बाधित हो गया, दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। जानकारी मिलने पर तहसीलदार चंदन शर्मा व थानाध्यक्ष दीपक सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूर्व राज्यमंत्री से बातचीत कर धरना समाप्त करने को कहा तो वह राजी नहीं हो रहे थे।
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तहसीलदार ने दूरभाष पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर से बातचीत कराई तो पूर्व राज्यमंत्री ने ओवरलोड गन्ना लदे ट्रालों से आमजन की जान को खतरा बता इनके संचालन पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की। उन्होंने जनपद के कस्बों को नो जोन घोषित कर दिन में गन्ना लदे वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने, मृतक आनंद दूबे के स्वजन को 25 लख रुपये अहेतुक सहायता दिलाने की मांग की।
उनका कहना था कि गन्ना लदे वाहनों को रात में नौ बजे के बाद ही चीनी मिलों की ओर भेजी जाएं। जिलाधिकारी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह, अधिवक्ता मिर्जा एक्तेदार हुसैन, फिरोज अहमद, दीपक सिंह, केके यादव, आफताब अंसारी, इमदाद हुसैन, आरिफ शाह, मान सिंह आदि उपस्थित रहे। |
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