जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। दुर्लभ सर्जरी के बाद महिला को चार साल से कानों में गूंजती आवाज से पूरी तरह राहत मिल गई। यह आवाज हर धड़कन के साथ 24 घंटे सुनाई देती थी। इससे उनके लिए अपनी ही धड़कन किसी बुरे सपने जैसी हो गई थी।
इस समस्या के कारण महिला मानसिक रूप से परेशान थी और नौकरी छोड़ने तक का विचार कर चुकी थी। साइबर सिटी के डाॅक्टरों ने तीन घंटे तक चली सिगमाइड साइनस रीसर्फेसिंग नाम की सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया।
ईएनटी सर्जन डाॅ. तृषा श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले चार वर्षों से महिला को कान में लगातार धड़कन जैसी आवाज सुनाई देती थी, जिसे पल्सटाइल टिनिटस कहा जाता है। उन्हें काफी इलाज के बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ। आखिर में आर्टेमिस हास्पिटल में जांच के दौरान समस्या की असली वजह सामने आई।
डाॅ. तृषाने बताया कि मरीज के सिगमाइड साइनस को ढकने वाली हड्डी में लगभग एक सेंटीमीटर का छेद था, जिसे सिगमाइड साइनस डेहिसेंस कहा जाता है। इसी कारण तेज रक्त प्रवाह कान के अंदर गूंज के रूप में सुनाई देता था।
करीब तीन घंटे चली सर्जरी में डिफेक्टिव बोनी वाल को मरीज के अपने टिश्यू और बोन सीमेंट से दोबारा तैयार किया गया। यह प्रक्रिया बेहद जोखिम भरी थी, क्योंकि आसपास मौजूद प्रमुख नसें को नुकसान का खतरा था।
डाॅक्टरों की टीम सटीक योजना से जटिल सर्जरी को सफल बनाया। ऑपरेशन के बाद मरीज ने होश में आते ही कहा कि अब गूंज बंद हो चुकी है। डाॅ. श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पहले ऐसा एक मामला सिर्फ एसजीपीजीआई लखनऊ में दर्ज है। इस मामले में मरीजों और डाक्टरों के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
यह भी पढ़ें- दिल्ली के कापसहेड़ा एक्सटेंशन में कबाड़ गोदामों और झुग्गियों में भीषण आग, आसमान में छाया काला धुआं |
|