search

ISI का नया षड्यंत्र: कश्मीर में छात्र, बेरोजगार युवा कमीशन के लालच में बन रहे आतंकियों के अर्थतंत्र का हिस्सा

Chikheang Yesterday 11:56 views 226
  

जांच में हजारों संदिग्ध खातों का खुलासा हुआ है, जिनमें से अधिकांश पाकिस्तान से जुड़े हैं।



नवीन नवाज, श्रीनगर। कश्मीर में दम तोड़ रहे आतंकवाद और अलगाववाद को वित्तीय आक्सीजन देने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ और आतंकी संगठनों के हैंडलरों ने अब म्यूल अकाउंट का तरीका अपनाया है। वह छात्रों, बेरोजगार युवाओं, छोटे दुकानदारों व अन्य लोगों को कमीशन का लालच दे, आतंकी आर्थिक तंत्र का हिस्सा बना रहे हैं।

जब सुरक्षा एजेंसियाें के हाथ उनके गिरेबान तक पहुंचते हैं, तब उन्हें पता चलता है कि वह किस खेल में मोहरा बनकर आगे चल रहे हैं। सभी मोहरे नहीं हैं, कुछ इस खतरनाक खेल से पूरी तरह परिचित हैं, लेकिन जल्द अमीर होने और पकड़े जाने की कम से कम संभावना के चलते वह इसका हिस्सा बने हुए हैं।

यह खुलासा जम्मू कश्मीर पुलिस के काउंटर इंटेलीजेंस कश्मीर सीआइके विंग ने अपनी एक विशेष जांच के दौरान किया है और इसी क्रम में उसने गुरूवार को घाटी में 22 जगहों पर तलाशी लेते हुए 22 लाेगों को हिरासत में लिया है।इनमें से 17 सिफ श्रीनगर में ही पकड़े गए हैं।
पैसा भेजने के लिए यह अपनाई जा रही रणनीति

संबधित अधिकारियों ने बताया कि यह म्यूल सिंडिकेट देश-विदेश में फर्जी कंपनियों के बैंक खातों, गैर कानूनी आनलाइन गेमिंग और आनलाइन जुएबाजी जैसी अवैध गतिविधियों के जरिए ही नहीं बल्कि आयात-निर्यात कारोबार जैसी वैध गतिविधियों की आड़ में भी आतंकी आर्थिक तंत्र को चला रहा है। उन्होंने बताया कश्मीर में आतंकियों के आर्थिक तंत्र के लिए म्यूल अकाउंट के इस्तेमाल होने के मामले की जांच गत वर्ष शुरु की गई थी। बीते वर्ष इस मामले में 21 लोगों को पकड़ा गया था।


एसएसपी सीआइके ने बताया कि आतंकियों और अलगाववादियों के अार्थिक तंत्र को बल प्रदान कर रहे म्यूल अकाउंट मामले की गहन जांच के आधार पर 22 लोगों को चिह्िनित किया गया। इनके बैंक खातों की निगरानी की गई और उसके बाद अदालत की अनुमति से आज इन सभी के ठिकानों पर छापा डाला गया है। श्रीनगर में 17 , जिला बडगाम में तीन , जिला शोपियां और कुलगाम में एक-एक जगह तलाशी ली गई है और 22 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
छापेमारी में बरामद सामग्री से हुआ खुलासा

तलाशी में कुछ डिजिटल उपकरण, वित्तीय लेन-देन से संबधित दस्तावेज व कुछ अन्य आपत्तिजनक सामान जब्त किया गया है। उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों से साइबर धोखाधड़ी, गैर-कानूनी आनलाइन गेमिंग, बेटिंग प्लेटफार्म और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में उनकी सही भूमिका और उनके संपर्क का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी  है।

इस बीच, मामले की जांच से जुढ़े सूत्रों ने बताया कि यह अभियान गत वर्ष जब शुरु किया गया था तो करीब सात हजार बैंक खातों को म्यूल अकाउंट होने के संदेह के आधार पर चिह्नित किया गया जो बाद में बढ़कर 30 हजार हो गए। उन्होंने बताया कि इन सभी खातों की निगरानी के बाद ही आज छापेमारी की गई।
अधिकांश के पास आय का ऐसा कोई स्पष्ट स्रोत नहीं

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि जिनके नाम पर यह खाते हैं, उनमें से अधिकांश के पास आय का ऐसा कोई स्पष्ट स्रोत नहीं है, जो उनके मौजूदा जीवन स्तर से मेल खाता हो । कईयों के खातों में विदेश से नियमित अंतराल पर पैसा जमा हुआ और तत्काल उसकी निकासी हो गई। कई मामलों में पाया गया कि खाता यहीं जम्मू-कश्मीर में है और उसमें लेन-देन विदेश में नियंत्रित हो रहा है जबकि खाताधारक जम्मू कश्मीर में ही है।

उन्होंने बताया कि विगत कुछ वर्षाें के दौरान जम्मू कश्मीर में आतंकियों और अलगाववादियों के वित्तीय नेटवर्क के लिए पैसे का जुगाड़ म्यूल अकाउंट के जरिए ही हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले में लिप्त हमलावरों द्वारा भी म्यूल अकाउंट को इस्तेमाल किए जाने की संभावना से इंकार नही किया जा रहा है।
अकाउंट खोलने से पहले दी जाती है ट्रेनिंग

आज घाटी में हुइ्र छापेमारी के बारे में संबधित सूत्रों ने बताया कि इनमें से अधिकांश शहरी या अर्धशहरी इलाकों में रहने वाले संबधित तत्व शामिल हैं। श्रीनगर के महजूर इलाके में ही लगभग एक दर्जन जगहों पर तलाशी ली गई है। उन्होंने बताया कि इससे यह पता चलता है म्यूल अकाउंट के लालच में पहले किसी क्षेत्र विशेष के व्यक्ति को शामिल किया जाता है, उसे घर से काम, पेमेंट प्रोसेसिंग जाब”, विदेशी पैसे भेजना संभालना और दिन में एक बार किसी ऐप विशेष पर जाकर एक बार लागिन कर ट्रेड करने के लिए कहा जाता है और उसके बाद उसकी आय शुरु हो जाती है।

फिर कमीशन का खेल शुरु हो जाता है। इसके साथ ही उसे कुछ और लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए उकसाया जाता है और एक नेटवर्क तैयार हो जाता है। इसके अलावा कुछ व्यापारी भी कथित तौर पर इसमें शामिल हैं। उनके खातों में पैसा जामा किया जाता है, खाताधारक पैसा निकलवाता है और वह अपना कमीशन रखकर किसी अन्य बताए गए खाते में जमा करता है या फिर बताए गए किसी व्यक्ति विशेष या संस्थान तक नकद पहुंचाता है।
प्रत्येक लेन-देन पर 10-20 प्रतिशत कमीशन का लालच

उन्होंने बताया कि जांच में पता चला है कि कुछ लोगों के साथ आतंकियों और अलगाववादियों के करीबियों ने या फिर कुछ अन्य संदिग्ध तत्वों ने संपर्क किया और उन्हें प्रत्येक लेन-देन पर 10-20 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल शुरु किया।

कुछेक मामलों में यह लेन-देन दो से तीन बार हुआ तो कई मामलों में यह तीन से चार माह तक भी चला। इस मामले की जांच के दौरान कथित तौर पर पता चला है कि आतंकियों-अलगाववादियों के ओवरग्राउंड वर्कर और सीमा पार बैठे कश्मीरी आतंकी घाटी में अपने रिश्तेदारों की मदद से ऐसे लोगों को इस काम के लिए चुनते हैं,जिन्हें पैसे की जरुरत है या फिर जिनका विदेश में कारोबार हो या परिवार कोई सदस्य राेजगार के लिए गया हआ है।

उन्होंने बताया कि म्यूल अकाउंटस में पैसा सिर्फ खाड़ी देशों से ही नहीं बांग्लादेश, मलेशिया, यूरोप और तुर्किये व अमेरिका से भी आ रहा है । मामले की जांच से जुढ़े सूत्रों ने बताया कि जांच में पता चला है कि अधिकांश म्यूल अकाउंटस के तार पाकिस्तान से ही हिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि म्यूल अकाउंटस के पकड़े जाने की संभावना बहुत कम होती है,इसलिए इनका इस्तेमाल किया जा रहा है।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
149093

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com