जागरण संवाददाता, कानपुर। हाथरस में स्कूल-कालेजों की 2.75 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति के घोटाले में ईओडब्ल्यू कानपुर यूनिट ने एक और आरोपित को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया। वह हाथरस के रसायन कला में मास इंजीनिरिंग एंड मैनेजमेंट कालेज में सहायक पटल था। उसने अपने कालेज के 11 छात्रों के लगभग 3.20 लाख रुपये का गबन किया था। ईओडब्ल्यू अब तक 35 आरोपितों में 14 को जेल भेज चुकी है। अन्य की तलाश जारी है।
ईओडब्ल्यू कानपुर के इंस्पेक्टर संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि हाथरस में जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से वर्ष 2009-10 में 25 स्कूल-कालेज के 6800 छात्र-छात्राओं के लिए 2 करोड़ 74 लाख 93 हजार 636 रुपये छात्रवृत्ति जारी हुई थी, जिसे विभाग और स्कूल कालेज के कर्मचारी-अधिकारी ने गबन कर लिया।
मामले में हाथरस में मुकदमा लिखा गया। बाद में जांच ई-ओडब्ल्यू को सौंप दी गई। जांच में 35 नाम प्रकाश में आए, जिसमें तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अधिकारी वीपी सिंह समेत सात कर्मचारी ही हैं।
जांच के बाद उनकी टीम 13 आरोपितों को जेल भेज चुकी थी। 14वां आरोपित अलीगढ़ सासनी गेट कृष्णापुरी मठिया गली निवासी अभिषेक मित्तल को मंगलवार को अलीगढ़ से ही गिरफ्तार किया गया है। उसे एंटी करप्शन कोर्ट में पेशी के बाद मेरठ जेल भेजा गया है।
धोखाधड़ी कर करोड़ों ठगने का आरोपित कन्नौज से गिरफ्तार
ईओडब्ल्यू कानपुर यूनिट के इंस्पेक्टर कमलेश कुमार पाल की टीम ने कन्नौज के विक्रांता हास्पिटल से रावतपुर के लखनपुर बीमार विहार कालोनी निवासी दिनेश चंद्र कटियार को गिरफ्तार किया।
इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपित अपने साथियों के साथ मिलकर भारत गैस एंड कापोरेशन लिमिटेड का लोगो का प्रयोग कर उससे मिलते-जुलते नाम एचपी आयल कारपोरेशन लिमिटेड बनाकर धोखाधड़ी की थी। उसने फर्जी फर्म बनाकर डीलर बनाने के लिए विज्ञापन जारी कराया और उनसे डीलरशिप के रुपये जमा करने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगे थे।
इंस्पेक्टर ने बताया कि अब तक 21 आरोपित बनाए गए हैं, जिसमें पांच पहले जेल भेजे जा चुके हैं। छठवां आरोपित दिनेश चंद्र था। अन्य की तलाश में टीम लगी है। |
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