जागरण संवाददाता, लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में यौन शोषण व मतांतरण के आरोपों के बाद से फरार पचास हजार के इनामी जूनियर रेजिडेंट रमीजुद्दीन नायक पर शिकंजा कसता जा रहा है। मामले की जांच कर रही सात सदस्यीय विशाखा कमेटी ने रमीजुद्दीन पर लगे सभी आरोपों को सही पाया है।
बुधवार को कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद को सौंप दी है। अब रमीजुद्दीन का दाखिला रद होना तय माना जा रहा है। लव जिहाद के इस मामले की त्रिस्तरीय जांच हो रही है। पूर्व डीजीपी भावेश सिंह की सात सदस्यीय कमेटी के अलावा पुलिस की जांच भी चल रही है।
सूत्रों का कहना है कि केजीएमयू प्रशासन विशाखा कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को डीजीएमई (डायरेक्टर जनरल आफ मेडिकल एजुकेशन) को जूनियर रेजिडेंट के निष्कासन का प्रस्ताव शासन भेजने की तैयारी में है। पीड़िता की ओर से लगाए गए आरोप की बिंदुवार जांच की गई।
महिला रेजिडेंट ने शादी की बात छिपाना, अश्लील वीडियो प्रचिलित करने की धमकी देना, ब्लैक मेल करने और गर्भपात कराने के गंभीर आरोप लगाए थे। सात सदस्यीय विशाखा कमेटी ने करीब 15 दिन में जांच पूरी की। पीड़िता और विभाग के डाक्टरों व स्टाफ के बयान और सुबूत के आधार पर आरोपित जूनियर रेजिडेंट को दोषी पाया गया है।
हालांकि, कमेटी आरोपित का बयान नहीं दर्ज कर पाई है, क्योंकि वह मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही फरार है। जेआर के खिलाफ एनबीडब्ल्यू और 50 हजार का इनाम भी घोषित हो चुका है। |
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