प्रतीकात्मक तस्वीर
संवाद सूत्र, जागरण ऊंचाहार (रायबरेली)। शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने को लेकर स्वस्रोत राजस्व (ओएसआर) खातों को क्यूआर कोड से लिंक किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, ताकि आमजन विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे जन्म-मृत्यु, राशनकार्ड, जाति, आय, निवास आदि प्रमाण पत्रों के वैधानिक शुल्क का भुगतान आसानी से डिजिटल रूप में कर सकें।
इससे जहां पारदर्शिता बढ़ेगी वहीं सभी लेनदेन अभिलेख भी मौजूद रहेंगे। ऊंचाहार, जगतपुर व रोहनिया ब्लॉक में 119 ग्राम पंचायतें हैं। अब इन ग्राम पंचायतों के ओएसआर खातों को सक्रिय किया जाएगा, ताकि गांव की जनता को इधर-उधर भटकना न पड़े और ग्राम पंचायतें अपनी आय के स्रोतों को डिजिटल रूप से प्रबंधित कर सकें।
इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ ग्राम पंचायतों के आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। इसके लिए समर्थ पोर्टल के जरिए कर, गैर कर संग्रह और क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा।
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) के सहयोग से इन ब्लॉकों के ग्राम सचिवों को प्रशिक्षण व नई तकनीक के इस्तेमाल की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इस नई तकनीक के जरिए पंचायत सहायकों को ग्राम पंचायत के ओएसआर खाते में पैसे जमा करने होंगे, ताकि पंचायतें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और इस धन को ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जा सके।
नई पहल से ग्राम पंचायत सचिवालय आधुनिक होंगे व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, राशन कार्ड जैसी सरकार की 243 सेवाएं ई-डिस्टिक पोर्टल पर ऑनलाइन होगी। क्यूआर कोड से भुगतान होने पर पंचायत सहायक प्रमाण पत्र के सापेक्ष ही शुल्क ले सकेंगे।
खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायतों के खातों को सक्रिय करने के निर्देश मिले हैं, जिन ग्राम पंचायतों के खाते संचालित नहीं हैं, उन्हें सक्रिय कराए जाने के लिए सभी ग्राम सचिवों को कहा गया है।
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