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ग्रेटर नोएडा में पेयजल की होगी रैंडम जांच, सोसायटियों से मांगी गई पानी की रिपोर्ट

Chikheang 3 day(s) ago views 984
  



जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। इंदौर की घटना के बाद दैनिक जागरण की ओर से पेयजल की गुणवत्ता और निवासियों के मौलिक अधिकारों की आवाज उठाते हुए ‘हर बूंद हो स्वच्छ, हर घूंट हो स्वस्थ’ अभियान को प्रमुखता से प्रकाशित किया।

अभियान के तहत सीवरलाइन टूटने और जर्जर पेयजल पाइपलाइन के जरिए घरों तक गंदा पानी पहुंचने, भूजल दूषित होने, सोसायटियों दो हजार टीडीएस का पानी, डाइंग यूनिट से निकलने वाले कैमिकल युक्त पानी से भूजल बर्बाद होने जैसे तमाम बिंदुओं को उठाया।

इसको देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने ग्रेटर नोएडा में सभी जगहों से पानी की रैंडम जांच कराने के निर्देश दिए हैं। एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जल विभाग को सभी जगहों से पानी की रैंडम जांच कराने को कहा गया है।
कहां जमा करना होगा पानी का सैंपल?

जिन जगहों पर प्राधिकरण सप्लाई करता है वहां पानी की जांच प्राधिकरण खुद कराएगा। इसी तरह बिल्डर्स सोसायटियों व कोआपरेटिव सोसायटियों में प्रबंधन समिति (बिल्डर या एओए) को जलाशयों की नियमित सफाई कराने, पानी का सैंपल आइएसओ मानकों के तहत जांच कराने व रिपोर्ट प्राधिकरण के जल विभाग में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बाबत जल विभाग पत्र जारी कर सूचना दे रहा है। इसी तरह औद्योगिक, व्यावसायिक, आइटी, संस्थागत आदि एरिया में भी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, प्राधिकरण एरिया में दूषित जलापूर्ति होने पर तत्काल जल विभाग को सूचित करने की अपील की गई है। इसके लिए वरिष्ठ प्रबंधक जल (9205691408) और प्रबंधक जल (8937024017) के मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।
जलापूर्ति में सीवर के मिश्रित होने का कोई साक्ष्य नहीं

उधर सेक्टर डेल्टा वन में दूषित पानी सप्लाई की सूचना पर प्राधिकरण की टीम जांच को पहुंची। एसीईओ सुनील कुमार सिंह के निर्देश पर जल विभाग की टीम ने जिन सेक्टरवासियों ने दूषित पानी सप्लाई की शिकायत की थी, उनके घरों में जाकर पानी की जांच की।

जल विभाग की तरफ से बताया गया है कि इन घरों में पानी साफ पाया गया। सिर्फ एक घर के सप्लाई कनेक्शन में दिक्कत थी और एक अन्य जगह पर पाइप से लीकेज प्राप्त हुई है। दोनों जगहों पर विभाग की तरफ से रिपेयर करा दिया गया है। प्राधिकरण का दावा है कि जलापूर्ति में सीवर के मिश्रित होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। शाम को जलापूर्ति होने पर दोबारा से सैंपल लिए हैं। इसे जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
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