वेनेजुएला की तर्ज पर कदम उठा सकता है अमेरिका
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान इन दिनों महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ प्रदर्शनों से जूझ रहा है। सरकार ने प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने का आदेश दिया है, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन थम नहीं रहे हैं। इन प्रदर्शनों में अब तक 35 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
इन सबके बीच ईरान के लोगों को यह डर भी सता रहा है कि अमेरिका ने जिस तरह वेनेजुएला में सैन्य अभियान चलाया था, उसी तर्ज पर ईरान को लेकर भी कदम उठा सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने हाल ही में ईरानी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था और यह चेतावनी दी थी कि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई तो अमेरिका मदद को आएगा।
ट्रंप के इस बयान पर ईरानी सेना प्रमुख ने जवाबी हमले की धमकी दी
ट्रंप की इस चेतावनी के बाद ईरान के नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। कई लोगों को यह डर है कि अमेरिका का करीबी सहयोगी इजरायल फिर से ईरान को निशाना बना सकता है।
गत जून में इजरायल और ईरान के बीच 12 दिनों तक संघर्ष हुआ था। इजरायल ने ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों और परमाणु विज्ञानियों को मौत के घाट उतार दिया था।
जबकि अमेरिका ने ईरान के कई परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। तेहरान में 57 वर्षीय सईद सैय्यदी नामक शिक्षक ने कहा, \“खुदा हमारे नेता पर रहम करें।हमें भी सचेत रहना चाहिए।\“ उन्होंने यह अंदेशा जताया कि अमेरिका उसी तरह की कार्रवाई कर सकता है, जिस तरह उसने वेनेजुएला में की।
अमेरिका ने तेल जैसे मुद्दों पर हमेशा ईरान के खिलाफ साजिश रची है। जबकि वेनेजुएला में मादुरो के पकड़े जाने पर ईरान के सरकारी टेलीविजन के एक विश्लेषक ने यह दावा किया था कि पिछले वर्ष अमेरिका और इजरायल ने ईरानी अधिकारियों को अगवा करने की योजना बनाई थी। हालांकि उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं दिया था।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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