इंकलाब मंच ने हादी हत्याकांड में सरकारी साजिश का आरोप लगाया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश के छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट को खारिज करते हुए इंकलाब मंच ने हत्या में सरकारी तंत्र की संलिप्तता का आरोप लगाया है।
साथ ही, पार्टी ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर इस मामले में न्याय नहीं मिला तो \“\“दूसरे का खून बहाने वालों\“\“ को \“\“अपना भी खून बहाने\“\“ के लिए मजबूर होना पड़ सकता है और बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि ढाका महानगर पुलिस की जांच शाखा ने मंगलवार को मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद समेत 17 लोगों के खिलाफ हत्या के सिलसिले में औपचारिक चार्जशीट दायर की और कहा कि हादी की हत्या अवामी लीग के मनोनीत वार्ड पार्षद तैजुल इस्लाम चौधरी बप्पी के इशारे पर \“\“राजनीतिक प्रतिशोध\“\“ के कारण की गई थी।
इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने कहा कि \“\“एक पागल भी\“\“ इस दावे पर विश्वास नहीं करेगा कि हादी की हत्या मात्र एक वार्ड पार्षद के निर्देश पर की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी पुलिस द्वारा प्रस्तुत चार्जशीट को स्वीकार नहीं करती है।
उन्होंने दावा किया कि इस हत्या में एक पूरा \“\“आपराधिक गिरोह\“\“ और साथ ही \“\“सरकारी तंत्र\“\“ भी शामिल था। पार्टी के \“न्याय के लिए मार्च\“ कार्यक्रम के समापन के बाद जाबेर ने कहा, \“\“जब तक दोषियों को न्याय के कठघरे में नहीं लाया जाता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। उनके नाम शामिल न होने वाली कोई भी चार्जशीट हमें स्वीकार्य नहीं है।\“\“
उन्होंने कहा कि इंकलाब मंच ने न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए थे, लेकिन चार्जशीट से पता चलता है कि सरकार ने जनभावना की अनदेखी की और \“\“लोगों को मूर्ख समझा\“\“।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हादी की हत्या के लिए न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया और \“\“भारतीय वर्चस्व\“\“ को समाप्त नहीं किया गया तो जनता ही परिणाम तय करेगी।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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