एमजीआर और विजय। (विकीपीडिया, पीटीआई)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी चल रही है, और राज्य का राजनीतिक वातावरण शांत लेकिन गतिशील है। इस बार, फिल्म स्टार विजय और उनकी पार्टी तमिलागा वेट्री कझगम (टीवीके) ने राजनीतिक परिदृश्य में एक नया आयाम जोड़ा है।
विजय की लोकप्रियता और उनके फिल्मी प्रभाव का उपयोग करके, वे तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात कर सकते हैं।
तमिलनाडु में फिल्म और राजनीति का इतिहास
तमिलनाडु में फिल्म और राजनीति का गहरा संबंध है। सीएन अन्नादुरै, एमजी रामचंद्रन (एमजीआर), और जयलालिथा जैसे नेताओं ने अपनी फिल्मी लोकप्रियता का उपयोग करके राजनीति में प्रवेश किया और सफलता प्राप्त की। एमजीआर ने अपनी फिल्मी छवि को राजनीतिक शक्ति में बदल दिया, और जयलालिथा ने अपनी फिल्मी और राजनीतिक पहचान को एक नए स्तर पर पहुंचाया।
विजय का राजनीतिक उदय
विजय की फिल्में अक्सर सामाजिक मुद्दों और शासन की बात करती हैं। उनकी फिल्म “जन नेता“ जल्द ही रिलीज होने वाली है, और लोग उनकी राजनीतिक संदेशों को देखने के लिए उत्सुक हैं। विजय की लोकप्रियता और उनके फिल्मी प्रभाव का उपयोग करके, वे तमिल नाडु की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात कर सकते हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में विजय का प्रभाव
विजय की पार्टी टीवीके का उद्देश्य तमिलनाडु की राजनीति में एक नए विकल्प को पेश करना है। उनकी लोकप्रियता और फिल्मी प्रभाव का उपयोग करके, वे युवा मतदाताओं को आकर्षित कर सकते हैं और तमिल नाडु की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात कर सकते हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या विजय की फिल्मी लोकप्रियता को राजनीतिक शक्ति में बदला जा सकता है? यह देखना दिलचस्प होगा।
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