स्वच्छ पेयजल की सैंपलिंग तेज करेगी हरियाणा सरकार। सांकेतिक फोटो
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दैनिक जागरण द्वारा छेड़ी गई मुहिम हर बूंद हो स्वच्छ-हर घूंट हो स्वस्थ रंग दिखाने लगी है। मुहिम को प्रदेश सरकार का भी साथ मिला है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सैंपलिंग में तेजी लाई जाएगी।
साथ ही सैंपलिंग की पूरी प्रक्रिया को सुधारते हुए इसे और मजबूत किया जाएगा। सभी अधिकारियों को शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बुधवार को समीक्षा बैठक में दो टूक कहा कि पेयजल लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है और किसी भी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्टाचार या गुणवत्ता से समझौता और शिकायतों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान महाग्राम योजना में अनियमितताएं पाए जाने पर गंगवा ने दो उपमंडल अभियंता (एसडीओ) और एक कनिष्ठ अभियंता (जेई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा दो कार्यकारी अभियंता (एक्सईन) को चार्जशीट करने के निर्देश दिए।
यह कार्रवाई डबवाली क्षेत्र के गांव गंगा से संबंधित मामले में की गई है, जहां महाग्राम योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों में गुणवत्ता को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। बैठक में प्रदेश में पेयजल आपूर्ति, महाग्राम योजना, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) तथा आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए विभागीय तैयारियों की समीक्षा की गई।
मंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं में कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए तथा फील्ड स्तर पर निरीक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। जहां भी अनियमितता पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के पश्चात पत्रकारों से गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाना है। इसके तहत सरकार 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मानक के अनुसार पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
महाग्राम योजना के तहत प्रदेश में अब तक 19 गांवों में कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 12 गांवों में कार्य शीघ्र पूर्ण होने वाला है। इसके अतिरिक्त 40 गांवों में परियोजना का कार्य प्रगति पर है।
इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं के अनुरूप आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को बेहतर पेयजल, सीवरेज एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने कहा कि जल आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था, जल स्रोतों की उपलब्धता और वितरण प्रणाली की समीक्षा की जाए।
नए जलघरों के निर्माण की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां आवश्यकता हो, वहां नए जलघर स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान कर प्रस्ताव तैयार किए जाएं। |