Chikheang • The day before yesterday 20:26 • views 468
घटना की जानकारी देते पुलिस पदाधिकारी व जब्त गाड़ी। जागरण
संवाद सहयोगी, मनीगाछी दरभंगा। 31 दिसंबर की रात थाना क्षेत्र के बिसौल कमलाबाड़ी सड़क के बीच हत्या के बाद सड़क किनारे फेंकी गई मधुबनी जिला के भैरवस्थान थाना क्षेत्र के लालगंज निवासी उपेंद्र मुखिया की पत्नी शुभकला देवी (23) की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है।
हत्या उसके भाई ने की थी। इसके पीछे साइबर फ्राड के चंगुल में फंसकर उसकी बहन द्वारा मायके के लोगों से ठगी करने की वजह सामने आई है। पुलिस ने हत्यारे भाई को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। इसके लिए बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा के नेतृत्व में गठित टीम में मनीगाछी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
बुधवार को मनीगाछी थाना पर इसकी जानकारी देते हुए बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने बताया कि हत्यारोपी शुभकला के सहोदर भाई संतोष मुखिया को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस घटना के बाद संतोष दिल्ली चला गया था जहां से उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए घटना के संबंध में पूरी जानकारी दी। आरोपी संतोष को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
एसडीपीओ ने बताया कि शुभकला का मायका मनीगाछी थाना क्षेत्र के फुलवन गांव में था। उसकी शादी मधुबनी जिला के भैरव स्थान थाना क्षेत्र के लालगंज गांव में हुई थी। उसका पति दिल्ली में मजदूरी करता है।
घर में अकेली रहने वाली शुभकला मोबाइल पर साइबर ठग के चंगुल में फंस गई और लोगों को एयरपोर्ट जैसे जगहों पर नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने लगी। ठगी के पैसे वह मोबाइल फोन पर साइबर ठगों को भेजती रही।
लगातार लोगों से पैसे लेने और उसका परिणाम शून्य होने की स्थिति में ठगी के शिकार हुए उसके मायके के लोगों ने संतोष पर दबाव बनाया और उसकी जमीन को दखल कर लिया था। वह अपनी बहन को समझाने का प्रयास किया करता था लेकिन वह इससे बाज नहीं आ रही थी। आरोपी संतोष दिल्ली में रहकर अपनी छोटी गाड़ियों से बच्चों को स्कूल पहुंचाने और लाने का काम कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था।
लोगों के तकादा एवं बहन के व्यवहार से खिन्न संतोष अपनी गाड़ी से अपनी पत्नी एवं बच्चों के साथ गांव के लिए निकला। 31 दिसंबर की देर रात बहन के ससुराल लालगंज पहुंच कर उसको समझाने का प्रयास किया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुई तो वह अपनी मां से मिलाकर समझाने की नीयत से लालगंज से फुलवन के लिए निकला।
अत्यधिक ठंड एवं कुहासे में वह धीरे-धीरे गाड़ी चलाते हुए चल रहा था। रास्ते में इन्हीं बातों पर चर्चा के दौरान उसकी बहन उससे उलझ गई और दोनों में गुत्थमगुत्था शुरू हो गई। आक्रोशित संतोष ने उसकी गर्दन जोर से दबाई तो वह मरणासन्न होकर बेहोश हो गई।
उसे मरणासन्न अवस्था में सड़क किनारे छोड़ कर संतोष अपने घर जाने के बजाय पुनः वापस दिल्ली चला गया। इस संबंध में शुभकला की मां से पूछताछ के बाद इसकी गुत्थी सुलझी जिसमें इन लोगों के मोबाइल फोन से भी मदद मिली।
संतोष को हिरासत में लेने के लिए दिल्ली पदाधिकारी को भेजा गया जहां से उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल किया है। संतोष को गिरफ्तार कर लिया गया और घटना में प्रयुक्त गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है। अब इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है। |
|