जागरण संवाददाता, लखनऊ। शहरवासियों को जाम से निजात दिलाने और तेज गति के मेट्रो की सुविधा देने के लिए मिशन मोड पर मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कारिडोर का निर्माण होगा। तीन चरणों का काम एक साथ शुरू होगा। मई में पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन और बसंतकुंज डिपो के रैंप को बनाने का काम शुरू होगा।
वहीं, जून से सात भूमिगत मेट्रो और बसंतकुंज में मेट्रो डिपो का निर्माण शुरू हो जाएगा। डेढ़ साल में मेट्रो डिपो तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे ब्लू लाइन की 12 मेट्रो को लाने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। इस माह के अंत तक सिविल वर्क के सभी टेंडर जारी हो जाएंगे।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन लगभग 5801 करोड़ रुपये की चारबाग से बसंतकुंज तक ईस्ट-वेस्ट कारिडोर का निर्माण करेगा। इस कारिडोर की लंबाई 11.165 किलोमीटर होगी। कारिडोर में कुल 12 मेट्रो स्टेशन होंगे, इसमें 4.6 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन पर ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंत कुंज मेट्रो स्टेशन होंगे।
वहीं, चारबाग , गौतम बुद्ध मार्ग , अमीनाबाद ,पांडेयगंज , सिटी रेलवे स्टेशन , मेडिकल चौराहा और चौक भूमिगत स्टेशन बनेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग टेंडर जारी होंगे। यूपीएमआरसी ने एलिवेटेड पांच मेट्रो स्टेशनों और बसंत कुंज मेट्रो स्टेशन को डिपो से जोड़ने के लिए 740 मीटर का लंबे रैंप बनाने का 492 करोड़ रुपये का टेंडर दो जनवरी को जारी हो गया है।
टेंडर प्रक्रिया फरवरी माह में पूरा करने के बाद चयनित कंपनी मई से पिलर की खोदाई सहित सिविल कार्य शुरू कर देगी। इसी तरह सात भूमिगत स्टेशनों और मेट्रो के रेक के मेंटनेंस व उनको खड़ा करने के लिए डिपो का टेंडर भी अगले एक सप्ताह में जारी हो जाएंगे। इन दोनों प्रोजेक्टों पर जून से काम शुरू हो जाएगा।
डिपो में ही मेट्रो के कंट्रोल रूम भी बनेंगे। एलिवेटेड सेक्शन का काम मई में शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट को 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह भूमिगत स्टेशन का काम जून से शुरू होगा। यूपीएमआरसी ने प्रोजेक्ट के लिए डिटेल्ड डिजाइन कंसलटेंट (डीडीसी) का चयन कर लिया गया है।
डीडीसी एलिवेटेड और भूमिगत मेट्रो स्टेशन के डिजाइन, कामर्शियल स्पेस, यात्री सुविधाओं की रिपोर्ट तैयार करेगी। यूपीएमआरसी सबसे पहले 16 मेट्रो सेट की क्षमता वाले डिपो का निर्माण करेगा। सामान्य रूप से चारबाग से बसंतकुंज तक तीन बोगियों वाली ब्लू लाइन की 12 मेट्रो सेट दौड़ेंगी। इससे यात्रियों को हर पांच मिनट में मेट्रो की सर्विस मिलेगी। |
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