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ड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाने से पहले खुद बनना होगा उदाहरण, बिना हेलमेट स्कूल पहुंचे तो गुरुजी का निलंबन तय

LHC0088 2026-1-7 19:26:58 views 857
  



जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। अब आवश्यक रूप से दो पहिया वाहनों का प्रयोग करने वाले परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षिकाएं हेलमेट लगाकर अपने अपने स्कूलों में पहुंचेंगे। साथ ही निगरानी की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों को सौंपी गई है। यातायात नियमों का उल्लंघन होने के कारण दुर्घटनाओं में हो रहीं मौतों और शारीरिक दिव्यांगता के चलते यह निर्णय लिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

यातायात नियम लोगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं लेकिन वर्तमान में बड़ी संख्या में लोग नियमों को तोड़कर खुद के अलावा दूसरों के लिए खतरा बन रहे हैं। प्रतिदिन हो रही मार्ग दुर्घटनाओं में लोग घायल हो रहे जिसमें कुछ लोग हाथ पैर आदि से हाथ धो रहे तो तमाम लोगों की जान भी जा रही है। कई बार खुद की गलती व दूसरों की गलती से हो रही मार्ग दुर्घटनाओं में सामान्य लोगों के अलावा शिक्षक, शिक्षिकाओं व अन्य नौैकरी पेशा से जुड़े लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं जिससे विभाग व परिवार को बड़ी क्षति का सामना करना पड़ता है।

सड़क सुरक्षा के तहत चलाए जा रहे यातायात जागरूकता माह के चलते दुर्घटनाओं में कमी लाने और जागरूकता को लेकर शिक्षा निदेशक बेसिक ने बीएसए को बाइक व स्कूटी आदि चलाकर विद्यालय आने वाले परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को आवश्यक रूप से हेलमेट लगाकर आना निर्धारित करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोई भी आदेश की धज्जियां न उड़ा पाए निगरानी की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों की होगी। लापरवाही बरतने वालों की रिपोर्ट तैयार कर बीएसए को भेजी जाएगी जिसके बाद निलंबन सहित अन्य सख्त कार्रवाई निर्धारित होगी।

बीएसए अजय कुमार मिश्र ने बताया कि यातायात नियम सभी की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं इसका पालन करने में किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। आदेश का जिले में कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
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