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संवाद सूत्र, जाखल। जाखल क्षेत्र में पराली की गांठों से ओवरलोड और ओवरसाइज ट्रालियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। जहां आम जनता को हेलमेट न पहनने, कागज पूरे न होने या हल्के-फुल्के उल्लंघन पर तुरंत चालान थमा दिया जाता है, वहीं सड़क नियमों का खुला उल्लंघन करती ये ट्रालियां मानो कानून के दायरे से बाहर चल रही हैं। दिन-रात सड़कों पर इनसे खतरा बढ़ता ही जा रहा है, जिससे हर दिन दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है।
धुंध के मौसम में इन ओवरलोड ट्रालियों ने हालात और भयावह बना दिए हैं। शहर से लेकर नेशनल हाईवे तक, जहां देखो वहां नियमों का खुला मजाक उड़ाते वाहन दौड़ते नजर आते हैं। पिछले दिनों चांदपुर क्षेत्र में एक बाइक सवार युवक की जान इन्हीं ट्रालियों की चपेट में आकर चली गई। कई घायल भी हुए, लेकिन चिंताजनक बात यह है कि बढ़ते हादसों के बाद भी प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं दिखी।
जनता में गुस्सा, चेतावनी भी
स्थानीय लोगों रवि, संजय, मल्टी, राजेश, कुलदीप और बीरबल ने बताया कि पराली की गांठों से भरी ट्रालियों के कारण शहर में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। दुर्घटना का डर तो अलग है। उनका कहना है कि धुंध में ऐसे वाहन चलती मौत साबित हो रहे हैं, लेकिन देखने वाला कोई नहीं।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यदि जल्द इन ट्रालियों पर रोक और सघन निगरानी की जरूरत है।
विभाग जागे, लेकिन कार्रवाई अभी दूर
पराली प्रबंधन टीम के एसडीओ मुकेश मेहला ने समस्या सामने आने पर समाधान का आश्वासन दिया है। कड़ेल बैरियर पर तैनात ट्रैफिक इंचार्ज बलजिंदर सिंह भी ओवरलोडिंग पर सख्ती की जरूरत मानते हैं। उधर जिला आरटीओ संजय बिश्नोई ने स्पष्ट कहा कि किसी भी वाहन को कानून से ऊपर नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही ओवरलोड ट्रालियों पर विशेष चेकिंग अभियान चलेगा तथा नियम उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। |