जागरण संवाददाता, हापुड़। दस वर्षीय मासूम से कुकर्म करने के मामले में बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने एक आरोपित को दोषी करार दिया है। दोषी को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी को दस हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया गया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि तीन मार्च 2022 को थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी थी। जिसमें पीड़ित ने बताया था कि तीन मार्च 2022 को उसका करीब दस वर्षीय पुत्र घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान गांव का ही अलीध उसके पुत्र को बहला-फुसलाकर अपने साथ जंगल स्थित गन्ने के खेत में ले गया।
जहां पुत्र को निवृस्त्र कर आरोपित ने छेड़छाड़ करते हुए उसके साथ कुकर्म किया था। अारोपित ने पुत्र को धमकी दी थी कि अगर, उसने किसी को कुछ भी बताया तो वह उसकी हत्या कर देगा। किसी तरह वहां से बचकर पुत्र डरा-सहमा घर पहुंचा
पूछने पर पुत्र ने उसे आपबीती सुनाई थी। पुत्र को साथ लेकर पीड़ित थाने पहुंचा और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। मामले में पुलिस मे आरोपित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी।
मुकदमे पर संज्ञान लेकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह ने सुनवाई शुरू की थी। बुधवार को मुकदमे की सुनवाई निर्णायक मोड़ पर पहुंची। न्यायाधीश ने आरोपित अलीध को दोषी करार दिया और सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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