search

सर्द हवाओं ने बढ़ाई गलन, सिहर जा रहा बदन; दिनभर सर्द हवाओं से जगह-जगह ठिठुरते नजर आए लोग

deltin33 3 day(s) ago views 661
  



जागरण संवाददाता, मऊ। पिछले एक सप्ताह से पड़ रही कड़ाके की ठंडी व गलन से आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। यही नहीं बच्चों में तेजी से कोल्ड डायरिया फैल गया है। इससे वह पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। बुधवार को रात से सर्द हवाएं चलने की वजह से पारा पूरी तरह से लुढ़क गया है। इसकी वजह से आम आदमी पूरी तरह से ठिठुरा नजर आ रहा है। जहां देखिए वहीं अलाव का सहारा लोग ले रहे हैं। गलन इतनी है कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। रात आठ बजे के बाद सड़कें पूरी तरह से सूनीं हो जा रही हैं। रात में कोेहरे की वजह से सड़कों पर वाहन रेंगते चल रहे हैं।

आस्था नर्सिंग होम सहादतपुरा के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल कुमार राय ने बताया कि कड़ाके की ठंड व गलन से बच्चों में कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ गया है। हर दिन कोल्ड डायरिया से ओपीडी में दस से बीस मरीज आ रहे हैं। इसलिए अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

सर्दियों में बच्चों की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। उन्हें उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी परेशानी हो सकती है। स्वच्छता के अभाव में और बासी खाना खाने से बच्चे अक्सर इसके शिकार हो जाते हैं। सर्दियों में जोयारोट्रो वायरस, इंट्रोवायरस, क्लैपसेला और इकोलाई से दिक्कतें होती हैं। इन वायरस के शरीर में एंट्री करने के बाद बच्चों को पेचिस हो जाते है। इसके अलावा बच्चे ठंड में पानी नहीं पीते हैं, जिसकी वजह से उनकी बाडी में पानी की कमी हो जाती है और वो विंटर डायरिया या कोल्ड डायरिया के शिकार हो जाते हैं।
एक सप्ताह से काफी सर्द बना है मौसम

पिछले एक सप्ताह से न्यूनतम पारा 6 से 09 के बीच रह रहा है। अधिकतम भी तेजी से लुढ़क रहा है। सोमवार व मंगलवार को अधिकतम तापमान 16 व न्यूनतम 08 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। बुधवार को अधिकतम पारा एक डिग्री लुढ़कर नीचे आ गया, जबकि न्यूनतम पारा थोड़ा चढ़कर 09 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मंगलवार की रात आठ बजे के बाद अचानक सर्द हवाएं चलने लगी। इसकी वजह से सिहरन बढ़ गई और लोग कपकपा उठे। हर कोई घर में कैद होने को मजबूर हो गया। रात में कोहरा पड़ने लगा। सुबह तेज सर्द हवाएं बहने लगी।

इसकी वजह से सुबह पारा काफी लुढ़क गया। गलन से कपकपी बढ़ गई। हालात यह रहा कि नौ बजे तक सड़क पूरी तरह सूनी रही। मंगलवार की सुबह लोग उठे तो आसमान पूरी तरह से ढका रहा। कोहरा इतना अत्यधिक था कि चंद कदम भी नहीं दिख रहा था। बुधवार को सुबह कोहरा छट गया था, लेकिन सर्द हवाएं तेजी से चलती रही।

दिन में एक बजे के बाद सूर्यदेव का दर्शन तो हुआ तो लोग घरों से बाहर निकल आए। कड़ाके की ठंड व सर्द हवाओं के आगे यह धूप नाकाफी साबित हो रही थी। हालांकि दिनभर अलाव लोगों का सहारा बना रहा। जिला कृषि अधिकारी सोमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि कड़ाके की ठंड से आलू की पिछैती फसल पर झुलसा रोग फैलने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में किसानों को अलर्ट रहने की जरूरत है। वह आलू की फसल की सिंचाई करते रहे। साथ ही कीटनाशक व दवाओं का छिड़काव करते रहे। साथ ही दलहनी व तिलहनी फसल पर भी पाला का असर पड़ सकता है।  
ऐसे बच्चों को कोल्ड डायरिया से बचाएं?

इस मौसम में बच्चों की हाइजीन का खास ख्याल रखना चाहिए। बाहरी भोजन से परहेज करें। तीन से चार बार दस्त होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुनगुना और तरल पदार्थ देना चाहिए। सख्त खाना नहीं खिलाना चाहिए. मूंग दाल की खिचड़ी और ओआरएस का घोल देते रहना चाहिए। ताकि उन्हें डिहाइड्रेशन की समस्या न हो। कोल्ड डायरिया में एंटीबायोटिक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वहीं बदलते मौसम में बाहर निकलते समय मोटे कपड़े पहनाकर ही निकालना चाहिए।- डॉ. अतुल कुमार राय, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ सहादतपुरा।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4510K

Credits

administrator

Credits
459419

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com