जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। नया बिल्डिंग बायलाज (माडल भवन उपविधि–2025) लागू होने के बाद मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में तेजी आई है।
इसका असर सीधे तौर पर दो मोर्चों पर दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां आम नागरिकों, भवन स्वामियों और बिल्डरों को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण की आय भी तेज रफ्तार से बढ़ते हुए 80 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के अनुसार उपविधियों के तहत नक्शा स्वीकृति व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और अधिकतर आनलाइन कर दिया गया है। पहले जहां नक्शे पास कराने में महीनों लग जाते थे, अब वही प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी हो रही है।
बार-बार आपत्तियां लगाने, फाइलें लटकाने और अनावश्यक दौर-भाग पर काफी हद तक रोक लगी है। नतीजतन, बड़ी संख्या में लोगों ने नक्शा पास कराने के लिए आवेदन किए हैं और शहर में निर्माण गतिविधियों में स्पष्ट बढ़ोतरी हुई है।
प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले तीन त्रैमासिक में ही मानचित्र स्वीकृति और शमन शुल्क से लगभग 80 करोड़ रुपये की आय हो चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्षों के मुकाबले कहीं अधिक है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में एमडीए को कुल 70 करोड़ रुपये और 2024-25 में 68 करोड़ रुपये की आय हुई थी, जबकि इस बार वर्ष पूरा होने से पहले ही प्राधिकरण इन दोनों वर्षों को पीछे छोड़ चुका है। अधिकारियों का कहना है कि तेज नक्शा पास प्रणाली से अवैध निर्माण पर भी अंकुश लगा है।
लोग अब नियमों के तहत निर्माण कराना ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक मान रहे हैं। इससे शहर का नियोजित विकास संभव हो पा रहा है और प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।
एमडीए अब चालू वित्तीय वर्ष के अंतिम त्रैमास में नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया को और गति देने की रणनीति पर काम कर रहा है। लक्ष्य रखा गया है कि वर्ष के अंत तक कुल आय 100 करोड़ रुपये के आसपास पहुंचाई जाए।
प्राधिकरण का दावा है कि बढ़ी हुई कमाई को मुरादाबाद में सड़क, सीवर, आवासीय योजनाओं, हरित क्षेत्रों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में लगाया जाएगा, ताकि शहर को सुनियोजित, आधुनिक और सुविधाजनक रूप दिया जा सके।
एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने बताया कि नया बिल्डिंग बायलाज लागू होने के बाद नक्शा पास कराना आसान हो गया है। नई व्यवस्था से एमडीए की आमदनी भी बढ़ी है। |