खिलाड़ियों के उभरने की जमीन तैयार
जागरण संवाददाता, पटना। अब बिहार के गांव-गांव से सचिन तेंदुलकर, सानिया मिर्जा और मिल्खा सिंह जैसे बड़े खिलाड़ियों के उभरने की जमीन तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर पंचायत स्तर पर खेल मैदान निर्माण की महात्वाकांक्षी योजना तेजी से धरातल पर उतर रही है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारना और युवाओं को अपने ही गांव में बेहतर अभ्यास की सुविधा उपलब्ध कराना है।
राज्य सरकार की इस पहल से अब ग्रामीण खिलाड़ियों को खेल की तैयारी के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। आधुनिक सुविधाओं से युक्त खेल मैदानों के निर्माण से गांवों में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिल रही है। खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना के तहत प्रदेश की लगभग सभी पंचायतों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण युवाओं को नियमित अभ्यास और प्रतिस्पर्धा का मंच मिल सके।
बीते दो वर्षों में राज्य में 4,807 खेल मैदानों का निर्माण किया जा चुका है, जो इस योजना की प्रगति को दर्शाता है। खास बात यह है कि यह संख्या उन 4,716 ग्राम पंचायतों से भी अधिक है, जिन्हें प्रारंभिक रूप से योजना में शामिल किया गया था। कई पंचायतों में एक से अधिक खेल मैदान बनाए गए हैं, ताकि अलग-अलग खेलों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से वर्ष 2024 में राज्य की कुल 8,053 ग्राम पंचायतों में से 4,716 पंचायतों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया। इन पंचायतों में कुल 5,341 खेल मैदानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए 521.92 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया। दिसंबर के अंत तक लगभग 90 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है, जो योजना के प्रभावी और तेज क्रियान्वयन को दर्शाता है।
सरकार ने खेल को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए राज्य के सभी ग्राम पंचायतों और नगर पंचायतों में त्रिस्तरीय खेल क्लब का गठन भी किया है। इन खेल क्लबों में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष जैसे पदों पर चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों का संचालन व्यवस्थित रूप से हो सके।
ग्रामीण युवाओं में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। मधेपुरा के झिटकिया गांव के बैजू कुमार कहते हैं कि पहले अभ्यास के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब पंचायत में मैदान बनने से खिलाड़ियों के सपनों को नया आयाम मिला है। पटना के फतेहपुर गांव के अभिनव आनंद का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के उभरते खिलाड़ियों को बड़ी मदद मिलेगी। वहीं मखदूमपुर के ब्रिजेश केवट ने कहा कि पंचायत में खेल मैदान बनने से अब हर गांव से नए सचिन और सानिया निकलेंगे।
कुल मिलाकर, पंचायत स्तर पर खेल मैदानों का निर्माण बिहार में खेल प्रतिभा को नई उड़ान देने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है। |
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