तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआइआर कार्यक्रम के तहत गोरखपुर की 9 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन मंगलवार को कर दिया गया। यह सूची आमजन के निरीक्षण के लिए संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालयों एवं सभी मतदेय स्थलों पर उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही मतदाता सूची जनपद की आधिकारिक वेबसाइट gorakhpur.nic.in पर भी देखी जा सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि एएसडी(अबसेंट, शिफ्टेड व डेथ) श्रेणी के 17.61 प्रतिशत यानी 6 लाख 45 हजार 634 वोटरों के नाम कटने के बाद अब मतदाता सूची में वोटरों की संख्या 36 लाख 66 हजार, 533 से घटकर 30 लाख 20 हजार 908 हो गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि गणना प्रपत्र नहीं भर पाने की वजह से जिनके नाम मतदाता सूची से कट गए हैं, या एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी युवाओं को भी वोटर बनने के लिए 6 जनवरी से 6 फरवरी तक का समय है। वे फार्म छह भरकर मतदाता बन सकते हैं। उनके नाम सीधे अंतिम मतदाता सूची में दर्ज किए जाएंगे।
इसी तरह जिन मतदाताओं की मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सकी है, ऐसे 3 लाख 22 हजार 468 मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा। एक जुलाई 1987 से पहले जन्मतिथि वाले मतदाताओं को स्वयं के दस्तावेज देने होंगे, जिसमे जन्म तिथि और जन्म स्थान का पता चलता हो। जबकि एक जुलाई 1987 और दो दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वाले मतदाताओं को अपने साथ ही माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा जो जन्म तिथि या जन्म स्थान को प्रमाणित करता हो।
इसी तरह 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वाले मतदाताओं को अपने जन्म तिथि या जन्म स्थान के दस्तावेज के अलावा माता- पिता दोनों के दस्तावेज भी जमा करने होंगे।यदि अभिभावक में से कोई भारतीय नहीं है, तो अपने जन्म के समय उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की एक प्रति उपलब्ध कराए।
किसी ने 2003 की मतदाता सूची का विवरण न होने के चलते अपना गणना प्रपत्र नहीं भरा है तो उसे फार्म 6 के साथ एक घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होगा, जिसमें गणना प्रपत्र की ही तरह 2003 का विवरण देना जरूरी है। इसके अलावा अनंतिम मतदाता सूची को लेकर किसी काे कोई भी आपत्ति है तो वह भी बीएलओ के माध्यम से छह फरवरी तक उसे दर्ज करा सकता है।
राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई मतदाता सूची
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अनंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद मंगलवार की सुबह 11 बजे पर्यटन भवन स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें उन्हें प्रकाशित मतदाता सूची की एक-एक प्रति हार्ड कापी एवं साफ्ट कापी में उपलब्ध कराई गई।
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जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि किसी नागरिक को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने अथवा किसी प्रविष्टि की त्रुटि के संबंध में दावा या आपत्ति प्रस्तुत करनी हो तो वह 6 फरवरी 2026 तक प्ररूप-6 (घोषणा पत्र सहित), प्ररूप-7 अथवा प्ररूप-8 में आवेदन कर सकता है।
यह आवेदन संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय, मतदान स्थल पर उपस्थित पदाभिहित अधिकारी या बूथ लेवल अधिकारी के माध्यम से, डाक द्वारा अथवा आनलाइन भी किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते मतदाता सूची का निरीक्षण कर आवश्यक संशोधन कराएं, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित रूप से संपन्न हो सके।
नाम का मिलान नहीं होने पर इनमें से कोई एक दस्तावेज देने होंगे
- केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी सरकारी उपक्रम के नियमित कर्मचारी या पेंशनधारक को जारी किया गया पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
- किसी सरकारी संस्था, स्थानीय निकाय, बैंक, डाकघर, एलआईसी या सरकारी उपक्रम द्वारा एक जुलाई 1987 से पहले जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र, प्रमाणपत्र या दस्तावेज।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया जन्म प्रमाणपत्र।
- पासपोर्ट।
- किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी किया गया मैट्रिकुलेशन या शैक्षिक प्रमाणपत्र।
- राज्य सरकार की सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र।
- वन अधिकार प्रमाणपत्र।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी, एससी, एसटी या किसी जाति का प्रमाणपत्र।
- राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण जहां लागू हो।
- परिवार रजिस्टर, जिसे राज्य या स्थानीय निकायों द्वारा तैयार किया गया हो।
- सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र।
- आधार कार्ड मान्य पर आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार
368 नए बूथ बने
एसआइआर अभियान के दौरान 368 नए बूथ भी बनाए गए हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले के जिन भी बूथों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक थी, उनका संभाजन कर नए बूथ बनाए गए हैं।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जिले में पहले 3679 बूथ थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 4047 हो गई है। कैंपियरगंज में 45, पिपराइच में 41, शहर में 40, ग्रामीण 36, सहजनवां में 30, खजनी में 48, चौरीचौरा में 39, बांसगांव में 39 और चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में 50 नए बूथ बनाए गए हैं। |
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