Shri Yantra sthapana ke niyam (AI Generated Image)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। श्रीयंत्र की नियमित रूप से पूजा करने से साधक को धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर बनी रहती है। अगर आप सही दिशा में और सही विधि से श्रीयंत्र की स्थापना करते हैं, तो इससे आपके ऊपर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है, जिससे जीवन में धन-यश की प्राप्ति होती है।
मिलते हैं ये लाभ
मां लक्ष्मी की कृपा के लिए घर में श्रीयंत्र की स्थापना करना और रोजाना इसकी आराधना करना एक उत्तम उपाय है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में श्रीयंत्र स्थापित होता है, वहां मां लक्ष्मी का वास बना रहता है। ऐसे में घर में श्रीयंत्र जरूर स्थापित करना चाहिए और रोजाना, खासकर शुक्रवार के दिन इसकी पूजा जरूर करनी चाहिए। इससे साधक के पूरे परिवार में धन यश, समृद्धि, कीर्ति और ऐश्वर्या बना रहता है। रोजाना श्रीयंत्र की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से घर में दरिद्रता का वास भी नहीं होता।
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श्रीयंत्र लेते समय रखें
घर में श्रीयंत्र लाने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए, तभी आपको इसका लाभ मिल सकता है। श्रीयंत्र हमेशा तांबे, सोने, चांदी का बना होना चाहिए। इसके साथ ही मिश्रित धातु और से बना या फिर स्फटिक का श्रीयंत्र भी लाभदायक माना गया है। आप इसे घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में स्थापित कर सकते हैं। इसके साथ ही श्रीयंत्र को अपने घर में स्थापित करने के लिए गुरु पुष्य और रवि पुष्य योग को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
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कैसे करें स्थापित (Shri Yantra Sthapana Niyam)
श्रीयंत्र की प्राण प्रतिष्ठा के लिए सबसे पहले मां लक्ष्मी का ध्यान करें। इसके बाद एक साफ बर्तन में थोड़ा-सा कच्चा दूध और गंगाजल मिलकर श्रीयंत्र को स्नान करवाएं और पंचामृत से श्रीयंत्र का अभिषेक कर सकते हैं। इसके बाद स्वच्छ कपड़े से श्रीयंत्र को पोछें और एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर इसे घर के मंदिर में स्थापित करें। इसके बाद धूप, दी,प लाल फूल, अक्षत और नैवेद्य आदि अर्पित करें। पूजा के दौरान ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद मंत्र का जप करते रहें और अंत में श्री सूक्त का पाठ करें। मां लक्ष्मी की कृपा के लिए आप श्री यंत्र को तिजोरी या फिर ऑफिस में भी रख सकते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। |