कुत्तों के हमले से चिरकुंडा में कई लोग जख्मी। (प्रतीकात्मक फोटो)
जागरण संवाददाता, चिरकुंडा (धनबाद)। Chirkunda Dog Bite Incident चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि लोग घर से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
वार्ड संख्या चार स्थित कुमारधुबी कोलियरी में एक पागल कुत्ते ने आधा दर्जन से अधिक लोगों और कई मवेशियों को काटकर घायल कर दिया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार उक्त कुत्ते ने अंगद सिंह, सबिया देवी, गनौरी दास, डुलू ठाकुर, कारू अंसारी, रूका देवी की बेटी और सोनारडंगाल निवासी मुकेश सिंह को काट लिया। इसके अलावा कई मवेशी भी इस हमले में घायल हुए हैं।
पीड़ितों को तत्काल इलाज की जरूरत है, लेकिन सबसे बड़ी विडंबना यह है कि चिरकुंडा और निरसा के सरकारी अस्पतालों में रेबीज की वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में घायल लोग निजी अस्पतालों और अन्य स्थानों पर भटकने को मजबूर हैं।
इस मामले में जब जिला वन पदाधिकारी से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने साफ तौर पर जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़ना उनके विभाग के कार्यक्षेत्र में नहीं आता है।
वन विभाग केवल तभी कार्रवाई करता है, जब कोई जंगली जानवर वन क्षेत्र से निकलकर आबादी में प्रवेश करता है। उन्होंने लोगों को नगर परिषद से संपर्क करने की सलाह दी।
वहीं, चिरकुंडा नगर परिषद के सिटी मैनेजर मुकेश निरंजन ने भी असहायता जताते हुए कहा कि नगर परिषद के पास आवारा कुत्तों को पकड़ने या नियंत्रित करने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं है, तो आम जनता आखिर जाए तो कहां जाए? यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है और त्वरित समाधान की मांग करती है। |
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