कोयले के अवैध खदान को देखते लोग। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, गलफरबाड़ी (धनबाद)। धनबाद जिले में अवैध कोयला खनन एक बार फिर सुर्खियों में है। गलफरबाड़ी ओपी क्षेत्र अंतर्गत सन्यासी मंदिर के समीप जंगलों में दर्जनों अवैध कोयला खदानें संचालित की जा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि यह माना जाने लगा है कि स्थानीय पुलिस ने कोयला चोरी पर पूरी तरह से आंखें मूंद रखी हैं।
सोमवार की शाम ईसीएल मुगमा एरिया के सुरक्षाकर्मियों और सीआइएसएफ की संयुक्त टीम ने इन अवैध खदानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 200 टन अवैध कोयला जब्त किया गया। छापेमारी की भनक लगते ही खदान संचालक और कोयला चोर मौके से फरार हो गए। इसके बाद जब्त कोयले का उठाव कार्य शुरू किया गया, जो मंगलवार की देर शाम तक जारी रहा।
जब्त कोयले की इतनी बड़ी मात्रा इस बात का संकेत है कि यहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा था और कोयले को दुधियापानी सहित अन्य क्षेत्रों के भट्ठों में खपाया जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे खेल में गलफरबाड़ी ओपी पुलिस की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
मौके पर मौजूद ईसीएल मुगमा एरिया के सुरक्षा पदाधिकारी श्रवण झा ने बताया कि कोयले की मात्रा अधिक होने के कारण उसके उठाव में अपेक्षा से अधिक समय लग गया। इसी वजह से मंगलवार को अवैध खदानों की भराई नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि बुधवार से सभी चिन्हित अवैध उत्खनन स्थलों की भराई का कार्य शुरू किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर धनबाद में अवैध कोयला खनन और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। |
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