जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के अहम विभागों के प्रमुखों के पद रिक्त हैं। नियोजन से लेकर परियोजना विभाग में महाप्रबंधक के पद रिक्त हैं। इन पदों की जिम्मेदारी उप महाप्रबंधक को सौंपी हुई है।
प्राधिकरण पर मास्टर प्लान 2041 में शामिल नए सेक्टरों के नियोजन से लेकर सेक्टरों में विकास कार्यों व अन्य विकास परियोजनाओं के निर्माण को लेकर दबाव लगातार बढ़ रहा है। प्राधिकरण ने शासन से महाप्रबंधक नियोजन व महाप्रबंधक परियोजना तकनीकी को नियुक्त करने का अनुरोध करते हुए प्रस्ताव भेजा है।
78 हजार एकड़ जमीन पर बना मास्टर प्लान
यमुना प्राधिकरण में छह जिलों गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा व आगरा के 1149 गांव अधिसूचित हैं। प्राधिकरण फेज एक मास्टर प्लान में शामिल गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के अधिसूचित क्षेत्र में शहर विकसित कर रहा है। फेज एक में प्राधिकरण की तकरीबन एक लाख एकड़ जमीन शामिल हैं। इसमें 78 हजार एकड़ जमीन पर मास्टर प्लान बन चुका है । प्राधिकरण अभी तक 36 हजार एकड़ जमीन विकास परियोजनाओं के लिए क्रय भी कर चुका है।
इसके अतिरिक्त फेज दो में शामिल अलीगढ़ के टप्पल, मथुरा के राया में अर्बन सेंटर की परियोजना धरातल पर उतरने को तैयार हैं। न्यू आगरा का मास्टर प्लान तैयार हो चुका है, जबकि हाथरस को तैयार होने जा रहा है।
यीडा के पास महाप्रबंधक स्तर के पद रिक्त
पांच शहरी क्षेत्र विकसित करने वाले यीडा के पास महाप्रबंधक स्तर के पद रिक्त हैं। नियोजन और परियोजना जैसे अहम विभागों के पद रिक्त हैं। नियोजन में महाप्रबंधक की जिम्मेदारी एसीईओ शैलेंद्र भाटिया व परियोजना में उप महाप्रबंधक राजेंद्र भाटी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इसके अलावा उद्योग समेत अन्य विभागों के महाप्रबंधक पद भी रिक्त चल रहे हैं। इससे प्राधिकरण का कार्य प्रभावित हो रहा है। प्रबंधक व सलाहकार नियुक्त कर प्राधिकरण अपने कार्यों को अंजाम दे रहा है। प्राधिकरण में विभिन्न श्रेणी के तकरीबन दो सौ पद रिक्त हैं।
कार्य के बढ़ते दबाव को देखते हुए प्राधिकरण ने शासन ने रिक्त पदों पर नियुक्ति का अनुरोध किया है। एसीईओ नगेंद्र प्रताप का कहना है कि महाप्रबंधक नियोजन के अलावा परियोजना विभाग में अलग से महाप्रबंधक तकनीकी का पद और उस पर नियुक्ति की अनुरोध किया गया है। इससे कार्यों की गति तेज होगी। |