35 दिनों में बांग्लादेश में कम से कम 11 हिंदुओं की हत्या की गई है (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार रात नर¨सगदी में अज्ञात हमलावरों ने 40 वर्षीय हिंदू दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि उर्फ मोनी चक्रवती की धारदार हथियार से हत्या कर दी। इससे कुछ घंटे पहले जेस्सोर जिले में एक अन्य हिंदू कारोबारी 38 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी की सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी, जो एक समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक भी थे।
दो दिसंबर, 2025 से पिछले लगभग 35 दिनों में बांग्लादेश में कम से कम 11 हिंदुओं की हत्या की गई है। \“बीडीन्यूज 24\“ की खबर के अनुसार, पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में किराना दुकानदार शरद चक्रवर्ती पर सोमवार रात करीब 11 बजे हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। पलाश पुलिस थाना प्रमुख (ओसी) शाहेद अल मामून ने बताया कि शरद चक्रवर्ती शिबपुर उपजिला के साधरचार यूनियन निवासी मदन ठाकुर के बेटे थे।
दुकान बंद कर लौट रहे थे घर
पुलिस और स्थानीय लोगों ने बताया कि मणि जब सोमवार रात दुकान बंद करके अपने घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने घर के सामने ही उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। स्थानीय लोग उन्हें पलाश उपजिला स्वास्थ्य परिसर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शाहेद ने बताया कि पुलिस घटना की सूचना मिलने के बाद तुरंत मौके पर पहुंची और दोषियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, 19 दिसंबर को शरत चक्रवर्ती ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर देश में हिंसा पर चिंता जताई थी, जिसमें उन्होंने अपनी जन्मभूमि को \“\“मौत की घाटी\“\“ बताया था। एक चश्मदीद और रिश्तेदार प्रदीप चंद्र बर्मन ने इस हमले को सोची-समझी साजिश बताया। उन्होंने कहा, \“\“पहले से दुश्मनी थी.. उन्होंने (हमलावरों ने) उनका मोबाइल फोन या मोटरसाइकिल नहीं छीनी।\“\“
व्यापारियों ने बनाई मानव श्रृंखला
शरत चक्रवर्ती की हत्या के विरोध में नरसिंगदी में सौ से अधिक व्यापारियों ने मंगलवार को स्थानीय मार्केट एसोसिएशन के बैनर तले न्याय की मांग करते हुए मानव श्रृंखला बनाई। व्यापारियों ने हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की तुरंत पहचान और गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 24 घंटों में दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
प्रदर्शन में उपस्थित लोगों में चारसिंदूर बाजार एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष अंगुर भुइया, महासचिव फारुक भुइया, बांग्लादेश हिंदू महाजोत के केंद्रीय आयोजन सचिव किशोर कुमार, पलाश उपजिला अध्यक्ष लिपोन देबनाथ और अन्य स्थानीय नेता शामिल थे।
पिछले 35 दिनों में मारे गए हिंदू
- दो दिसंबर, 2025 : 42 वर्षीय सोने के हिंदू व्यापारी प्रांतोष कर्मकार की रात के समय बांग्लादेश के नरसिंगदी जिले के रायपुरा उपजिला में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- दो दिसंबर, 2025 : 35 वर्षीय हिंदू मछली व्यापारी उत्पल सरकार की सुबह के समय फरीदपुर जिले के साल्था उपजिला में बेरहमी से हत्या कर दी गई।
- सात दिसंबर, 2025 : 1971 के मुक्ति संग्राम के मुक्तिजोद्धा 75 वर्षीय जोगेश चंद्र राय और उनकी पत्नी सुबोर्ना राय सात दिसंबर की रंगपुर में गला रेतकर हत्या।
- 12 दिसंबर, 2025 : 18 वर्षीय हिंदू ऑटो रिक्शा ड्राइवर शांतो चंद्र दास कुमिला जिले में मृत पाए गए। उनका गला रेतकर शव मक्के के खेत में फेंक दिया गया था।
- 18 दिसंबर, 2025 : मैमनसिंह के भलुका में 27 वर्षीय हिंदू गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास को इस्लामी भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला।
- 24 दिसंबर, 2025 : राजबाड़ी जिले के 30 वर्षीय हिंदू अमृत मंडल को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे।
- 29 दिसंबर, 2025 : बांग्लादेश के अर्धसैनिक सहायक बल अंसार वाहिनी के हिंदू सदस्य बजेंद्र बिस्वास को मैमनसिंह जिले में फैक्ट्री में साथी नोमान मियां ने गोली मारी।
- 3 जनवरी, 2026 : शरियतपुर जिले के हिंदू व्यवसायी खोकन चंद्र दास को घर लौटते समय हमलावरों ने रोककर चाकू मारा, फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
- 5 जनवरी, 2026 : एक अखबार के 38 वर्षीय कार्यवाहक संपादक और बर्फ फैक्ट्री के मालिक राणा प्रताप बैरागी की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
(न्यूज एजैंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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