search

अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा किया तो नाटो खत्म, डेनमार्क की पीएम ने ट्रंप को दी खुली चेतावनी

deltin33 4 day(s) ago views 656
  

डेनमार्क की पीएम ने ट्रंप को दी खुली चेतावनी (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच टकराव अब खुली चेतावनी तक पहुंच गया है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिकसन ने दो टूक कहा है कि यदि अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा किया तो इसका सीधा अर्थ नाटो सैन्य गठबंधन का अंत होगा।

उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस ताजा एलान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने रणनीतिक और खनिज-संपदा से भरपूर आर्कटिक द्वीप को अगले 20 दिनों के भीतर अमेरिकी नियंत्रण में लेने की बात कही है।

ट्रंप ने डेनमार्क द्वारा ग्रीनलैंड की सुरक्षा बढ़ाने के प्रयासों का मजाक भी उड़ाया, जिससे यूरोप में नाराजगी और गहरी हो गई। फ्रेडरिकसन के बयान के बाद यूरोपीय नेताओं ने खुलकर डेनमार्क और ग्रीनलैंड का समर्थन किया और अमेरिकी दबाव की आलोचना की।

हालांकि, व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ आफ स्टाफ ने साफ किया कि ग्रीनलैंड का अमेरिका के पास होना \“रणनीतिक सुरक्षा\“ के लिए जरूरी है। उनका कहना था कि राष्ट्रपति कई महीनों से यह दोहराते आ रहे हैं कि ग्रीनलैंड में संपूर्ण सुरक्षा ढांचा विकसित करने के लिए उसका अमेरिकी नियंत्रण में होना अनिवार्य है।

वेनेजुएला में हाल ही में किए गए अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद ट्रंप की वैश्विक मंशा और स्पष्ट हो गई है। शनिवार रात निकोलस मादुरो को असाधारण सैन्य कार्रवाई में अमेरिका लाए जाने के बाद यूरोप में यह आशंका गहराई कि ग्रीनलैंड अगला निशाना हो सकता है।

फ्रेडरिकसन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस फ्रेडरिक नील्सन ने ट्रंप की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर परिणामों की चेतावनी दी।डेनमार्क के सरकारी चैनल टीवी2 से बातचीत में फ्रेडरिकसन ने कहा, \“अगर अमेरिका किसी दूसरे नाटो देश पर हमला करता है तो सब कुछ रुक जाएगा। इसमें नाटो का अंत भी शामिल है।\“ उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रंप को हल्के में नहीं लिया जा सकता और ग्रीनलैंड व डेनमार्क को इस तरह धमकाना स्वीकार्य नहीं है।

वहीं, नील्सन ने न्यूज कान्फ्रेंस में कहा कि ग्रीनलैंड की तुलना वेनेजुएला से नहीं की जा सकती। उन्होंने लोगों से शांत और एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि अमेरिका के लिए ग्रीनलैंड पर रातोंरात कब्जा करना आसान नहीं है।
यूरोप में बेचैनी

डेनमार्क-ग्रीनलैंड का समर्थन ट्रंप की हड़बड़ी ने पूरे यूरोप में हलचल पैदा कर दी है। फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन और ब्रिटेन समेत कई देशों ने ग्रीनलैंड की संप्रभुता का समर्थन किया है। यूरोपीय नेताओं ने साझा बयान में कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य डेनमार्क और वहां के लोगों को तय करने देना चाहिए। नाटो ने भी स्पष्ट किया है कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है और इसे सहयोग से ही मजबूत किया जा सकता है।
ग्रीनलैंड में पहले से अमेरिकी मौजूदगी

अमेरिकी रक्षा विभाग 1951 से ग्रीनलैंड के उत्तर-पश्चिम में पिटफिक स्पेस बेस संचालित कर रहा है, जहां से नाटो के लिए मिसाइल चेतावनी, मिसाइल डिफेंस और स्पेस सर्विलांस आपरेशन किए जाते हैं। डेनमार्क अमेरिकी हथियारों का बड़ा खरीदार है और उसने हाल ही में एफ-35 लड़ाकू विमान भी खरीदे हैं। इसके अलावा डेनमार्क की संसद ने अपनी धरती पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अधिक पहुंच देने वाले विधेयक को मंजूरी दी है। (समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4510K

Credits

administrator

Credits
459281

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com