गया में दंपती ने एक साथ त्यागा देह; एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार
संवाद सहयोगी, टिकारी। गया जिले के टिकारी प्रखंड अंतर्गत सिंघापुर गांव में भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां सात फेरों के बाद जीवनभर साथ निभाने वाले एक दंपती ने एक साथ इस संसार को अलविदा कह दिया। गांव के 101 वर्षीय बासदेव ठाकुर और उनकी 100 वर्षीय पत्नी सुभागी देवी ने एक साथ देह त्याग ब्रह्मलिन हो गए। इस घटना ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे गांव को भावुक कर दिया है।
बुजुर्ग दंपति के पुत्र महेश कुमार ठाकुर ने बताया कि उनके माता-पिता सोमवार की रात साथ में भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। मंगलवार की सुबह जब घर के लोग उन्हें जगाने पहुंचे, तो दोनों अपने-अपने बिस्तर पर मृत पाए गए। दोनों की एक साथ निधन से स्वजन भावुक हो गए।
बासदेव ठाकुर कोलकाता पुलिस अस्पताल से सेवानिवृत्त हुए थे। वे सरल, अनुशासित और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। वहीं सुभागी देवी धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं।
दोनों के बीच अटूट प्रेम और आपसी सम्मान की मिसाल गांव में दी जाती थी। दंपती द्वारा गांव में शिव मंदिर का निर्माण भी कराया गया था, जो उनकी धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
दंपती के एक साथ निधन की खबर फैलते ही ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पर जुटने लगे। हर कोई इस प्रेममयी विदाई को देखकर भावुक हो उठा।
बासदेव ठाकुर के तीन पुत्र और एक पुत्री हैं, जिनमें से एक पुत्र का निधन पूर्व में हो चुका है। स्वजन ने दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ विष्णुपद स्थित श्मशान घाट पर किया। |