बापू टावर सभागार में आयोजित जल जीवन हरियाली दिवस के अवसर पौधे में पानी डालते मंंत्री श्रवण कुमार, प्रधान सचिव पंकज कुमार व जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अभिलाषा शर्मा
राज्य ब्यूरो, पटना। जल-जीवन-हरियाली दिवस पर मंगलवार को बापू टावर स्थित सभागार में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा एक सेमिनार का आयोजन हुआ।
विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने दावा किया कि पिछले छह वर्षों में राज्य में एक लाख 40 हजार जल संचय संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया गया।
इसी के साथ 73 हजार से अधिक नए जलस्रोत बनाए गए। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि जलवायु परिवर्तन से निपटने में अपनी भूमिका निभाएं।
तीज-त्योहार के साथ बच्चों व माता-पिता के जन्मदिवस पर प्रत्येक परिवार कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाएं। इस अभियान के अंतर्गत वन विभाग के साथ मिलकर अब तक राज्य में 21 करोड़ पौधे लगाए गए।
आज जीविका दीदियों के हाथों संचालित पौधशालाएं इसकी सफलता की नई कहानी कह रही हैं। कार्यक्रम के अंत में इस अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली जीविका दीदियों को मंत्री ने प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
उल्लेखनीय है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में 15 विभागों के साथ जीविका दीदियां भी सहभागी हैं।
इसके अंतर्गत बिहार में 11 अवयवों पर काफी काम हाे रहा है। विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि सरकार कई योजनाएं चला रहीं। शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त करने वाली योजना जल-जीवन-हरियाली ही है।
भूगर्भ जल-स्तर को रिचार्ज करने के लिए डैम, नदी, सोख्ता आदि कारगर सिद्ध हो रहे हैं।
बिहार के चेक डैम दूसरे राज्यों के लिए माॅडल बने
मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की जयंती पर 2019 में जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत हुई थी। तब से अब तक तालाब, कुआं, पईन, पोखर, आहर आदि का संरक्षण, जीर्णोद्धार और नव निर्माण के लिए कई योजनाएं चलाई गईं।
मुख्य रूप से 13 हजार से अधिक चेक डैम और जल संचय संरचना, 14 हजार से अधिक सरकारी भवनों पर वर्षा जल संरक्षण की संरचनाओं का निर्माण किया गया।
बिहार में किए गए कार्यों के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। इन पुरस्कारों को एक स्थान पर सहेजने की आवश्यकता है, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को यहां की उपलब्धियों का अंदाजा लग सके। उन्होंने कहा कि बिहार में बनाए गए चेक डैम आज दूसरे राज्यों के लिए माडल बन चुके हैं। |
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