जागरण संवाददाता, बलरामपुर। पात्रता के आधार पर सक्षम अधिकारी ने वर्ष 1990 में नवीन परती की जमीन पर आवासीय पट्टे की स्वीकृति दी थी। तब से प्रार्थनी ने जमीन पर घर बनाकर परिवार का भरण पोषण कर रही थी, लेकिन पड़ोसी प्रधान से मिली भगत कर मेरा घर उजाड़ कर रास्ते का निर्माण कर लिया है।
घर गिरने से खुले आसमान के नीचे परिवार को लेकर जीवन यापन करने कीमजबूरी है। जब प्रधान से मदद मांगी तो उन्होेंने कहा कि वोट नहीं दी थी इस लिए कोई मदद नहीं करगें। अधिकारियों को भी कई बार शिकायती पत्र दिया, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं की गई।
यह पीड़ा गनेशपुर कोड़री की राना ने संपूर्ण समाधान दिवस में सुनवाई के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योति राय को पत्र देकर सुनाई। इस पर एडीएम ने उपजिलाधिकारी को टीम गठित कर जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसी तरह सेखुइया के अजय प्रताप सिंह ने जमीन नापी कराने के लिए व बिजलीपुर के शब्बीर, अब्दुल रशीद, जमीउल्ला, हमीउल्ला ने भी जमीन से जुड़ी शिकायती पत्र दिया। सुनवाई के दौरान कुल 18 लोगों ने पत्र दिया। इसमें मौके पर तीन का निस्तारण किया गया। सदर विकास खंड अधिकारी मनोज कुमार, हरैया सतघरवा बीडीओ पल्लवी सचान मौजूद रहीं।
नए परिवार रजिस्टर करें तैयार: डीएम
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन एवं पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने लोगों की समस्याएं सुनी। जिलाधिकारी ने सभी प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
विशेष रूप से भूमि विवाद, राजस्व एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का कब्जा स्वीकार्य नहीं है। इसकी नियमित निगरानी संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों में पुराने एवं जीर्ण-शीर्ण परिवार रजिस्टर होने की स्थिति में नए परिवार रजिस्टर तैयार कराने के निर्देश दिए, ताकि अभिलेखों का अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रख-रखाव सुनिश्चित हो सके। उपजिलाधिकारी अभय सिंह मौजूद रहे। |
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