डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम की बैठक। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, पटना। लोक शिकायत निवारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई तय है। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने स्पष्ट कर दिया है कि शिकायतों का केवल निष्पादन पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका प्रभावी निवारण व नागरिकों की संतुष्टि अनिवार्य है।
इसी क्रम में लोक शिकायत निवारण एवं आरटीपीएस मामलों की विस्तृत समीक्षा के दौरान 25 मामलों में अधिकारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
डीएम ने बताया कि लोक शिकायत निवारण के 118 मामलों में संबंधित अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाया गया है। 3 लाख 28 हजार 300 रुपए का जुर्माना लगाया गया है और 2 लाख 82 हजार 900 रुपए की राशि जमा कर दी गई है। शेष राशि अविलंब जमा करने को कहा गया है।
ऐसा नहीं करने पर दंड की राशि वेतन से काटी जाएगी। पाया गया कि जिले में गत सात दिन में 206 लोक शिकायत मामलों का निष्पादन किया गया है और एक भी आवेदन तिथिवाद नहीं है। 60 कार्य दिवस से अधिक कोई मामला लंबित नहीं है। इस पर उन्होंने अधिकारियों की सराहना की।
हालांकि उन्होंने निर्देश दिया कि 30 व 45 कार्य दिवस से अधिक प्रक्रियाधीन मामलों का भी समयसीमा के भीतर निष्पादन किया जाए। आरटीपीएस मामलों की समीक्षा में 5 एक्सपायर्ड मामलों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
यू-डायस पोर्टल पर प्रविष्टि दर्ज करने में पटना जिला अव्वल
जागरण संवाददाता, पटना: यू-डायस पोर्टल पर सत्र 2025-26 में राज्य के 20 जिलों की ओर से तीन से 10 प्रतिशत तक कम बच्चों की जानकारी अपडेट की गई है। पटना जिले की ओर से उपलब्धि नामांकन 95 प्रतिशत से अधिक रहा।
कम प्रविष्टि दर्ज कराने वाले जिलों में सुपौल, सीतामढ़ी, अरवल, सीवान, भोजपुर, अररिया, दरभंगा, बेगूसराय, नालंदा, नवादा, शिवहर, गया, मधुबनी, सहरसा, बक्सर, सारण, मुंगेर, किशनगंज, लखीसराय और किशनगंज शामिल हैं।
जिन जिलों में बच्चों की संख्या घटने के कारण ग्रास एनरोलमेंट रेशियो और नेट एनरोलमेंट में कमी आई है, उसपर भारत सरकार द्वारा कड़ी नाराजगी जाहिर की गई है।
सिपाही चंद्रकला के निधन पर निगरानी ब्यूरो में शोक
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में पदस्थापित महिला सिपाही चंद्रकला झा का रविवार को निधन हो गया। सोमवार को निगरानी कार्यालय में शोक सभा आयोजित कर चंद्रकला झा को ब्यूरो के अधिकारियों-कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। चंद्रकला झा ने नवंबर 2019 में निगरानी ब्यूरो में योगदान दिया था। श्रद्धांजलि सभा में अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन भी रखा। |