पूरे फायदे के लिए कैसे लेना चाहिए विटामिन-डी सप्लीमेंट? (Picture Courtesy: Freepik)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। विटामिन-डी हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी विटामिन है। इसका सबसे बेहतरीन सोर्स सूरज की रोशनी है, लेकिन फिर भी ज्यादातर लोगों में इसका स्तर काफी कम पाया जाता है। विटामिन-डी की कमी के कारण कमजोर हड्डियां, बाल झड़ना, मूड स्विंग्स, जैसी कई परेशानियां (Vitamin-D Deficiency Symptoms) हो सकती हैं।
इसलिए इसकी कमी को पूरा करने के लिए अक्सर लोग विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेते हैं। सप्लीमेंट्स से विटामिन-डी का स्तर तेजी से जरूर बढ़ सकता है, लेकिन इसके लिए भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानें क्या है विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेने का सही समय (Right Time for Vitamin-D Supplement) और तरीका।
विटामिन-डी लेने का सही समय क्या है?
- विटामिन-डी लेने का समय इसके अब्जॉर्प्शन और आपकी नींद की गुणवत्ता पर असर डाल सकता है।
- सुबह या दोपहर का समय- विटामिन-डी सप्लीमेंट को सुबह के नाश्ते या दोपहर में लंच के साथ लेने सबसे बेहतर माना जाता है।
क्या है विटामिन-डी सप्लीमेंट लेने का सही तरीका?
विटामिन-डी का सप्लीमेंट लेते समय सबसे जरूरी बात यह है कि आप उसे किसके साथ खा रहे हैं।
- फैट्स वाले खाने के साथ लें- क्योंकि यह फैट सॉल्यूबल विटामिन है, इसलिए इसे खाली पेट लेने के बजाय ऐसे खाने के साथ लें जिसमें हेल्दी फैट्स हो। जैसे- दूध, दही, अंडे, नट्स या घी।
- अब्जॉर्प्शन रेट- विटामिन-डी को दिन के सबसे भारी भोजन के साथ लेने से इसका अब्जॉर्प्शन बढ़ सकता है।
डोज और सप्लीमेंट के प्रकार
- विटामिन-डी मुख्य रूप से दो रूपों में मिलता है- D2 (Ergocalciferol) और D3 (Cholecalciferol)।
- डॉक्टर आमतौर पर D3 की सलाह देते हैं, क्योंकि यह शरीर ज्यादा असरदार तरीके से काम करता है।
- इसकी खुराक पूरी तरह से आपकी ब्लड रिपोर्ट पर निर्भर करती है। बिना जांच के बहुत ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट लेना हानिकारक हो सकता है।
इन बातों का जरूर ध्यान रखें
- मैग्नीशियम का साथ- विटामिन-डी को एक्टिव करने के लिए शरीर को मैग्नीशियम की जरूरत होती है। अगर आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी है, तो विटामिन-डी लेने का पूरा फायदा नहीं मिल पाएगा।
- विटामिन-के2- विटामिन-डी कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन को बढ़ाता है, लेकिन विटामिन-के2 यह तय करता है कि वह कैल्शियम हड्डियों तक पहुंचे, न कि आर्टरीज में जमा हो।
- ओवरडोज से बचें- विटामिन-डी की टॉक्सिसिटी से शरीर में कैल्शियम का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ सकता है, जिससे किडनी स्टोन या दिल की समस्याएं हो सकती हैं।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें। |