प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में बिजली निगम के अभियंता व कर्मचारी 12 फरवरी को हड़ताल करेंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इसका ऐलान किया है।
हड़ताल को देशव्यापी बनाने के लिए नौ जनवरी को 10 केंद्रीय यूनियनों की नई दिल्ली में बैठक होने जा रही है। समिति के संयोजक पुष्पेंद्र सिंह ने मोहद्दीपुर स्थित हाइडिल कॉलोनी में कहा कि बिजली के निजीकरण के अलावा श्रम संहिता के विरोध में, निविदाकर्मियों को नियमित कराने, पुरानी पेंशन की बहाली, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण के विरोध भी मुख्य मुद्दे हैं।
इसके लिए सभी सेक्टर के कर्मचारी और श्रमिक एक दिन की हड़ताल करेंगे। जीवेश नंदन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चल रही बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया अब राष्ट्रीय बहस और चिंता का विषय बन है। पूरे देश के बिजलीकर्मियों की उत्तर प्रदेश के घटनाक्रमों पर नजर है। सभी एकजुट हैं।
जितेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि लगातार 404 दिन से चल रहे आंदोलन के क्रम में बिजलीकर्मी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। संकल्प लिया है कि जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई समाप्त नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
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