शरीर के अंदर से निकली गोली दिखाती महिला। जागरण
दीपक पांडेय, फरीदाबाद। फरीदाबाद में डबुआ कॉलोनी में रहने वाली महिला 20 साल तक अपने कमर के नीचले हिस्से में गोली लेकर घूमती रही। उसको किसी भी दर्द का अहसास नहीं हुआ। कुछ दिन पहले महिला के कमर के नीचले हिस्से में फोड़ा हुआ। फोड़ा धीरे-धीरे पक गया।
वहीं, पास में रहने वाली बुजुर्ग महिला की सलाह पर फोड़े वाले हिस्से पर लेप किया गया। लेप के बाद फोड़े के अंदर नोकीली चीज दिखी। जिसको महिला ने खुद ही खीच कर निकाल दिया, जिसके बाद सब हैरान हो गए। क्योंकि वह नोकीली चीज बंदूक की गोली थी।
डबुआ कॉलोनी में रहने वाली कविता के चार बच्चे हैं। पति ड्राइवर का काम करता है। कविता के अनुसार, उसको कभी अहसास नहीं हुआ कि उसको कमर के नीचले हिस्से में गोली लगी है। मानेसर की रहने वाली कविता का कहना है कि स्कूल में पेपर देते समय उसको कमर के नीचले हिस्से में काफी दर्द का अहसास हुआ, जब वह 12 साल की थी।
बताया कि दर्द होने पर देखा कि कमर के नीचले हिस्से से खून निकल रहा है। उसको लगा कि किसी ने पत्थर मारा है। शिक्षक ने भी उसको घर जाकर आराम करने के लिए कहा। घर आकर डॉक्टर को दिखाया और दवाई ले ली। धीरे-धीरे जख्म ठीक हो गया।
कविता के अनुसार, उनके स्कूल के पास आर्मी का ट्रेनिंग कैंप था। शायद यह गोली वही से लगी थी। पिछले 20 साल से किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।
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पति प्रदीप के अनुसार, कविता को शादी के बाद भी किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। अब खुशी है कि शरीर में लगी हुई गोली निकल गई है। बादशाह खान सिविल अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. उपेंद्र भारद्वाज ने बताया कि ऐसा होना संभव है, क्योंकि बुलेट एक मैटेलिक आब्जेक्ट है। जब गोली निकलती है, तो उसमें कोई जहर नहीं होता, वह बस एक गरम लोहे का टुकड़ा होती है। कई बार, गोली शरीर के हड्डी वाले हिस्से में रुक जाती है। ऐसा गोली की रफ्तार कम होने पर होता है। |