ठंड में अलाव के सहारे बैठे लोग।
जागरण संवाददाता, मथुरा। जिले में बढ़ती शीतलहर और घने कोहरे के प्रकोप को देखते हुए स्कूलों का अवकाश बढ़ा दिया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने आदेश जारी कर जिले के सभी बोर्डों से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 12 तक का शैक्षणिक कार्य छह से आठ जनवरी तक स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं।
यह फैसला मौसम विभाग द्वारा अत्यधिक सर्दी और शून्य दृश्यता की चेतावनी के बाद जिलाधिकारी के निर्देशों पर लिया गया है। आदेश का कड़ाई से पालन न करने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
ये है मथुरा के मौसम का हाल
भले ही रविवार की अपेक्षा सोमवार को तापमान ढाई डिग्री सेल्सियस अधिक रहा हो, लेकिन शीतलहर और गलन ने लोगों को इस सीजन की सर्वाधिक ठंड का अहसास करा दिया। ठंड ने सूरज को आंखें दिखाई तो वे दिनभर बादलों में छिपे रहे। कुछ देर के लिए निकले, लेकिन फिर बादलों में जा छिपे। हाल यह था कि ठंड से हर कोई बेहाल था। गर्म कपड़ों से सुसज्जित होने के बाद शरीर से कंपकंपी छूट रही थी। बच्चे एवं बुजुर्ग रजाई में दुबके रहे। पशु-पक्षी भी व्याकुल नजर आए। ठंड से बचाव के लिए घरों एवं दुकानों में दिनभर अलाव व रूम हीटर जलते रहे।
शीतलहर छुड़ा रही कंपकंपी
रविवार को न्यूनतम तापमान 5.04 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम होने के बाद ठंड तीखी रही। सोमवार की भोर में कोहरे की धुंध छाई रही। लोगों की निद्रा टूटी और बाहर निकले तो शीत हवा ने लोगों की कंपकंपी छूट गई। शरीर पर गर्म कपड़े लद गए। बच्चे एवं बुजुर्ग तो काफी देर तक रजाई में दुबके रहे। काफी देर तक सूर्य देव नहीं निकले। गलन भी अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रही। 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली बर्फीली हवा के कारण शरीर से सिहरन सी उठ रही थी। दोपहर तीन बजे सूर्य देव निकले, लेकिन कुछ देर बाद ही बादलों में जा छिपे। |
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