हिमाचल प्रदेश में अब दवा के साथ हथियार भी निर्मित होंगे। जागरण आर्काइव
राज्य ब्यूरो, शिमला। एशिया में दवा उत्पादन हब के लिए पहचान रखने वाला हिमाचल अब हथियार निर्मित करेगा। हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 में 8 सेक्टर में कुल 37 कंपनियों के साथ सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये के मेमोरेंडम आफ कमिटमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। ये कंपनियां राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश करेंगी और 10 से 15 हजार लोगों को विभिन्न तरह का काम मिलेगा। इंड्सरो डिफेंस एंड एयरोस्पेस टेक्नोलाजीज कंपनी 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
प्रदेश में शीघ्र रक्षा एवं एयरोस्पेस, डेटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, ग्रीन मोबिलिटी, फूड प्रोसेसिंग, रिन्युअल एनर्जी और मेटल्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में देश-विदेश की नामी कंपनियों ने बड़े निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इन प्रस्तावों से न केवल औद्योगिक आधार मजबूत होगा, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
ये कंपनियां करेंगी निवेश
रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में कई अग्रणी कंपनियां निवेश के लिए आगे आई हैं। इंड्सरो डिफेन्स एंड एयरोस्पेस टेक्नोलाजीज कंपनी ने 1000 करोड़ रुपये, शिमना इंजीनियरिंग ने 450 करोड़ रुपये और ब्लैक आयरन डिफेन्स टेक्नोलाजीज ने 500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। सक्सेना मरीन टेक 300 करोड़, मोनोवर्ल्ड ग्रुप 250 करोड़ और फेडराले डायनेमिक्स भी रक्षा निर्माण क्षेत्र में निवेश करेगा। अदाणी समूह की ओर से एडवांस्ड डिफेन्स सिस्टम्स में 250 करोड़ रुपये तक का निवेश प्रस्तावित है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ ने ब्रिक्स के माध्यम से ब्रिक्स देशों और भागीदार देशों के बीच वैश्विक व्यापार, निवेश सुविधा और बिजनेस नेटवर्किंग के लिए रणनीतिक सहयोग प्रस्तावित किया गया है, जिसमें 59 प्रतिशत भागीदारी शामिल है। कुल मिलाकर, इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
डाटा सेंटर सेक्टर में एआई आधारित परियोजनाएं
डाटा सेंटर क्षेत्र में भी उल्लेखनीय निवेश सामने आया है। काइरोसाफ्ट एआई साल्यूशंस लिमिटेड द्वारा एआई-ड्रिवन डेटा सेंटर में 200 करोड़ रुपये और रामेश्ट डेटा सेंटर्स द्वारा हाइपरस्केल डाटा सेंटर्स में 500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। रमेश डाटा सेंटर ने 500 करोड़ का प्रस्ताव दिया है। फार्मा सेक्टर में भी काफी बड़े निवेश के प्रस्ताव आए हैं।
इनमें नोया क्रास फार्मा थेरापोटिक्स ने 600 करोड़, सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 492 करोड़, समन कैमिकल प्राइवेट लिमिटेड ने 550 करोड़, डीपीबी समूह ने 700 करोड़, यूनाइटेड बायोटैक ने 700 करोड़, ग्लेमिक्स फार्मा प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, जेबी रेमिडीज प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, औरोनोवा लिमिटेड ने 170 करोड़, प्रतिमा लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड ने 101 करोड़ तथा गोपाल लाइफ साइंसिज ने 50 करोड़ का प्रस्ताव दिया है।
ग्रीन मोबिलिटी सेक्टर में रशिया का ग्रुप
ग्रीन मोबिलिटी सेक्टर में रशिया के तौशचेन ग्रुप ने 300 करोड़ का प्रस्ताव दिया है तो वहीं फूड प्रोसेसिंग में अमर प्योर गोल्ड ने 250 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है।
हास्पिटेलिटी एंड रीसाइकलिंग सैक्टर में मोनो वर्ल्ड ग्रुप ने 170 करोड़ व 150 करोड़ के दो प्रस्ताव दिए हैं। इसी तरह से रिन्युअल एनर्जी सेक्टर में वेनसर कंस्ट्रक्शन ने 225 करोड़ तथा 50 मेगावाट सोलर प्लांट के लिए इसी कंपनी ने 175 करोड़ के निवेश पर हस्ताक्षर किए हैं। क्लास इंडिया कंपनी ने मैटल निर्माण के लिए 60 करोड़ का प्रस्ताव दिया है।
शीघ्र निवेश आने लगेगा
अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम का कहना है कि अब सरकार ने एमओेयू के स्थान पर निवेशकों के साथ सरकार ने मेमोरेंडम आफ कमिटमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। ऐसे में निवेश आने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। तीन दिवसीय हिम एमएसएमई फेस्ट में प्रदेश के बाहर से आई निवेशक कंपनियों ने रुचि दिखाई।
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