जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट ने नैनीातल जिले में रामगढ़ ब्लाक के सतौली गांव में बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए ग्राम सभा में बोरिंग किए जाने के विरुद्ध ग्रामीणों की जनहित याचिका पर सुनवाई की। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला खनन अधिकारी से मंगलवार को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है।
पिछली तिथि को कोर्ट ने जिला खनन अधिकारी से यह बताने को कहा था कि पानी किस किस को पहुंचाया जा रहा है। इस पर अपनी रिपोर्ट पेश करें, लेकिन रिपोर्ट पेश नहीं की गई, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। सतोली के ग्रामीणों के अनुसार भवाली निवासी विपिन ने सतोली में अपने आवासीय क्षेत्र में पानी पहुंचाने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी, जबकि उक्त व्यक्ति का गांव में मकान नहीं है।
बिल्डर के कॉटेज में पहुंचाया जा रहा बोरिंग का पानी
बोरिंग का पानी ऊपर एक बिल्डर के काटेज में पहुंचाया जा रहा, जबकि पूरे क्षेत्र में पहले से ही स्वजल की लाइन उपलब्ध है। ग्रामीणों के अलावा विपिन को 2011 में बोरिंग की अनुमति दी गई थी, तब उसने बोरिंग नहीं की।
इधर 10 साल पहले मिली अनुमति के आधार पर फिर से एनओसी मांगी, जिस पर नैनीताल तहसील ने पुरानी अनुमति को देखते हुए नए सिरे से अनुमति देने की आवश्यकता नहीं समझी और पुरानी अनुमति के आधार पर ही बोरिंग करने को कह दिया, जबकि इस मामले में केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की अनुमति लेनी जरूरी थी। |