जागरण संवाददाता, कानपुर। आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप ने इस साल 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का स्टार्टअप फंड जुटाया है। नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की नीति के तहत सेंटर ने स्टार्टअप को 15 लाख से लेकर पांच करोड़ रुपये तक वित्तीय सहायता भी दी है। इससे कुल स्टार्टअप की संख्या भी बढ़कर सवा पांच सौ तक पहुंच गई है। नोक्कार्क, एक्वाफ्रंट लिमिटेड और अनंत सिस्टम्स जैसे स्टार्टअप ने करोड़ों का कारोबार किया है और नए साल में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार हैं।
नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की दिशा में आइआइटी कानपुर के एसआइआइसी (स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर) ने पिछले साल में तेजी से अपना आधार विकसित किया है। सेंटर के सीईओ अनुराग सिंह ने बताया कि नवाचार को स्टार्टअप में तब्दील करने के लिए पिछले साल 15 लाख से लेकर पांच करोड़ रुपये तक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। सेंटर में आने वाले स्टार्टअप को तकनीकी विकास सहायता से लेकर निवेशकों के साथ जोड़ने और बाजार तक पहुंच बनाने में भी मदद की जाती है। साल भर में दो आयोजन अभिव्यक्ति और फ्यूल का आयोजन स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। इसका लाभ स्टार्टअप कंपनियों को मिला है।
एसआइआइसी से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के स्टार्टअप
सेंटर के साथ जुड़े स्टार्टअप विभिन्न कार्यक्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं जिसमें सेमीकंडक्टर, आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस, हार्डवेयर एवं इलेक्ट्रानिक्स, डिफेंस, ड्रोन टेक्नोलाजी, एग्रीटेक, क्लीन एनर्जी, इंटरनेट आफ थिंग्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सुरक्षा और मेडटेक सेक्टर शामिल है।
इन स्टार्टअप ने किया शानदार प्रदर्शन
एक्वाफ्रंट इंफ्रास्ट्रक्चर
एसआइआइसी के फ्यूल 2025 में एक्वाफ्रंट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को अग्रणी माना गया है। स्टार्टअप ने पानी, ऊर्जा और मोबिलिटी के प्रबंधन क्षेत्र में व्यवसाय की चुनौतियां आसान की है। स्टार्टअप ने माड्यूलर फ्लोटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। इसके तहत वाराणसी में नमो घाट पर दुनिया का पहला फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन बनाया है। गेल, एल एंड टी वाटर, भारतीय सेना, स्पाइसजेट, शापोरजी पलोनजी के लिए प्रोजेक्ट पूरे किए हें। कंपनी के पास 6.19 करोड़ के नए आर्डर हैं।
नोक्कार्क
देश का पहला सबसे सस्ता वेंटीलेटर तैयार किया है। अब यह स्टार्टअप दुनिया के दूसरे देशों में भी अपने वेंटीलेटर सिस्टम बेच रहा है। कंपनी ने आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस और सेंसर सुविधा वाला भी वेंटीलेटर तैयार किया है जो जरूरत पड़ने पर डाक्टर को आपात संदेश भी भेज सकता है।
अनंत सिस्टम्स
आइआइटी कानपुर के पूर्व छात्र चीतू सिंह ने यह स्टार्टअप शुरू किया है। भारत के सेमी कंडक्टर क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप ने पिछले कुछ सालों के दौरान अच्छी शुरुआत की है। कंपनी को निवेशकों का भी साथ मिला है। 5 जी टेक्नोलाजी के क्षेत्र में भी यह कंपनी काम कर रही है।
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