इस देश में है फेक न्यूज को लेकर सतर्कता। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फिनलैंड फेक न्यूज को लेकर काफी सजग है। यहां प्री-स्कूल से ही फेक न्यूज के खिलाफ लड़ाई शुरू हो जाती है। दशकों से इस नार्डिक देश में महज तीन वर्ष की उम्र से ही बच्चों को गलत सूचनाओं के बारे में पढ़ाया जा रहा है।
इनके लिए जो पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, उसमें मीडिया का विश्लेषण और गलत सूचनाओं को पहचानने समेत मीडिया साक्षरता शामिल है।
शिक्षकों को सौंपा गया ये काम
यह पाठ्यक्रम मजबूत एंटी-मिसइन्फार्मेशन प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसका मकसद फिनलैंड के लोगों को दुष्प्रचार और झूठे दावों के प्रति अधिक प्रतिरोधी बनाना है। यह पाठ्यक्रम खासतौर पर सीमा से सटे रूस की ओर से आने वाले झूठे दावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अब शिक्षकों को पाठ्यक्रम में एआई साक्षरता जोड़ने का काम सौंपा गया है।
क्यों उठाया गया ये कदम?
यह कदम करीब चार वर्ष पहले यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यूरोप में चलाया जा रहा गलत सूचना अभियान के मद्देनजर उठाया गया है। हेल¨सकी शहर की शिक्षा विशेषज्ञ किआ हक्काला ने कहा, \“हमारा मानना है कि अच्छी मीडिया साक्षरता जरूरी है। यह देश और लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।\“
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