search

नॉर्दर्न रेलवे के जम्मू डिवीजन ने रचा इतिहास, शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के साथ पूरा किया पहला साल

LHC0088 2026-1-5 10:56:41 views 453
  

जम्मू डिवीजन ने रचा इतिहास (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, जम्मू। नॉर्दर्न रेलवे के जम्मू डिवीजन ने ऐतिहासिक उपलब्धियों की एक श्रृंखला के साथ अपना पहला साल पूरा किया है। जम्मू डिवीजन ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, कनेक्टिविटी और ऑपरेशनल विस्तार में कई ऐतिहासिक मील के पत्थर हासिल किए हैं।
एक साल में बेमिसाल उपलब्धि

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि नॉर्दर्न रेलवे का जम्मू डिवीजन अगले हफ्ते अपना पहला साल पूरा कर रहा है। यह भारत का 70वां रेलवे डिवीजन है, जिसे पिछले साल 6 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधिकारिक तौर पर स्थापित किया था। इसने कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ा और जम्मू-कश्मीर के लोगों में बदलाव और उम्मीद की भावना पैदा की।

उन्होंने कहा कि 2025 में, जम्मू डिवीजन ने कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए और कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय विस्तार देखा, जिसमें घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के लिए बहुप्रतीक्षित 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) का उद्घाटन शामिल है।
इतिहास रच रहा जम्मू डिवीजन

रेलवे ने कहा कि इंजीनियरिंग के चमत्कार माने जाने वाले प्रतिष्ठित चिनाब और अंजी पुलों का समर्पण, वंदे भारत ट्रेनों का संचालन, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, सेब और सीमेंट जैसे सामानों की माल ढुलाई में वृद्धि और आर्थिक विकास में तेजी ने केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक नए युग की शुरुआत की।

यहां उपलब्धियां कश्मीर को जोड़ने और क्षेत्र के लोगों को बेहतर जीवन देने लिए “ऐतिहासिक कदम“ साबित हो रही हैं।
PM मोदी ने किया था उद्घाटन

गौरतलब है कि USBRL का उद्घाटन पीएम मोदी ने 6 जून 2025 को किया था, जिसने कश्मीर घाटी को पूरे साल देश के बाकी हिस्सों से जोड़ा, जबकि पेरिस में प्रतिष्ठित एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचे चिनाब पुल और देश के पहले केबल-स्टेयड अंजी रेल पुल को राष्ट्र को समर्पित किया गया, जो इस परियोजना की तकनीकी उत्कृष्टता को दर्शाता है।
3.75 लाख यात्रियों को सुविधा

रेलवे ने कहा कि 6 जून को लॉन्च होने के बाद से घाटी के लिए वंदे भारत ट्रेनों ने 3.75 लाख से अधिक यात्रियों को सुविधा दी है, जिससे यात्रा आसान और तेज हो गई है। कटरा-अमृतसर मार्ग ने आध्यात्मिक कनेक्टिविटी को मजबूत किया, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा आसान हुई।

कश्मीर के लिए नए रेल लिंक ने अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया, जिसमें 20,000 टन से अधिक सेब और 1.5 लाख टन सीमेंट का परिवहन किया गया, जिससे किसानों और उद्योगों को फायदा हुआ।
लॉजिस्टिक्स में भी दिखा सुधार

वहीं, अनंतनाग गुड्स शेड 1.5 लाख टन सीमेंट को संभालने में सक्षम है, जिससे लॉजिस्टिक्स में सुधार हुआ है, जबकि पहली बार ऑटोमोबाइल और खाद्यान्न रैक घाटी में पहुंचे और चेरी (शहतूत) को कश्मीर से बांद्रा तक ले जाया गया, जो लॉजिस्टिक्स में एक बड़ी उपलब्धि है।

नए नॉन-फेयर रेवेन्यू कॉन्ट्रैक्ट्स से 94 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए गए और टिकट चेकिंग ड्राइव के ज़रिए 63,000 से ज़्यादा मामलों से 3.72 करोड़ रुपये रिकवर किए गए।
नए प्रोजेक्ट्स के साथ दूसरा अध्याय

जम्मू डिवीजन के एक साल पूरे होने पर सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर, उचित सिंघल ने कहा कि 2025 का साल नए बने जम्मू डिवीजन के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन रेलवे ने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश की।

उन्होंने कहा, “इन कोशिशों से जम्मू डिवीजन तेजी से बेहतरीन प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है, और यह नया अध्याय कश्मीर के लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और समृद्धि ला रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जम्मू डिवीजन 2026 में नए प्रोजेक्ट्स के साथ अपना दूसरा अध्याय लिखेगा।“

(एजेंसी इनपुट के साथ...)
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
163786