शताब्दी एक्सप्रेस को पहले दौड़ाने की जांच करेगी तीन सदस्यीय कमेटी (फाइल फोटो)
दीपक बहल, अंबाला। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर शनिवार को कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस (12006) को उसके निर्धारित ठहराव से पहले ही रवाना करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर लापरवाही को लेकर रेलवे बोर्ड तक हड़कंप मच गया है। अंबाला रेल मंडल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है, जिसने सोमवार को सात रेल कर्मचारियों को पूछताछ के लिए तलब किया है।
दूसरी ओर राजकीय रेलवे पुलिस यानी जीआरपी ने संचालन में लापरवाही बरतने पर मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। हालांकि एफआइआर में सीधे तौर पर किसी को आरोपित नहीं बनाया गया। एफआइआर के कालम सात खाली हैं। शिकायत में लोको पायलट और संचालन करने में लापरवाही का जिक्र जरूर कर रखा है।
बता दें दैनिक जागरण ने इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों से बात कर मामला उजागर किया। सीसीटीवी में कैद हुआ खौफनाक मंजर साफ दिख रहा है कि ट्रेन अचानक चलने लगी जबकि कई यात्री डिब्बे के बाहर ही खड़े थे। एक यात्री ट्रेन पकड़ने की कोशिश में दौड़ते हुए प्लेटफार्म पर बुरी तरह गिर पड़ा। यात्रियों द्वारा इमरजेंसी चेन खींचने के बाद ही बड़ा हादसा टला और ट्रेन रुकी।
अंबाला मंडल द्वारा गठित आपरेटिंग, मैकेनिकल और आरपीएफ अधिकारियों की टीम ने निम्नलिखित विभाग के जिम्मेदारों को तलब किया है। इनमें ट्रेन मैनेजर, लोको पायलट, डिप्टी एसएस, केबिन मास्टर (पावर केबिन), सब-इंस्पेक्टर (आरपीएफ), कमर्शियल एवं टिकट चेकिंग स्टाफ, सिग्नल एवं टेलीकाम स्टाफ शामिल हैं। इन कर्मियों के अलावा जिन यात्रियों ने वीडियो में जो बयान दिए वह भी जांच कमेटी के पास आ चुके हैं।
कर्मियों के साथ-साथ यात्रियों के भी बयान दर्ज किए जा सकते हैं। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से चार मिनट लेट आई थी जिसे चंडीगढ़ पहुंचने के आठ मिनट बाद ही चलाना चाहिए था लेकिन इसे पहले ही दौड़ा दिया गया। यात्रियों द्वारा रेल मंत्री को किए गए ट्वीट के बाद रेलवे बोर्ड ने भी प्रारंभिक रिपोर्ट तलब की है। वहीं, यात्री सुरिंद्र भारद्वाज की शिकायत पर चंडीगढ़ रेलवे पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी उर्मिला के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और ट्रेन संचालन के रिकार्ड को कब्जे में ले लिया गया है।
अंबाला मंडल के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार झा ने कहा कि हमने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। सहायक अधिकारियों की यह टीम दो दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई दोषी होगा तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। |