Railway employees strike Bihar: रनिंग स्टाफ के परिवार के सदस्य भी धरनास्थल पर पहुंच गए हैं।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Running staff protest railway: समस्तीपुर रेल मंडल की ओर से किए गए सामूहिक तबादलों के विरोध में रनिंग स्टाफ का धरना तीसरे दिन रविवार को भी जारी रहा।
कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। अब आंदोलन को मजबूती देते हुए रनिंग स्टाफ के परिवार के सदस्य भी धरनास्थल पर पहुंच गए हैं।
धरना 78 रनिंग स्टाफ के तबादले के विरोध में किया जा रहा है, जिनमें लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गाड़ी प्रबंधक शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिना उनकी सहमति और विकल्प के उन्हें बरौनी और मानसी स्थानांतरित कर दिया गया है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
यह आंदोलन ज्वाइंट एक्शन कमिटी के बैनर तले चल रहा है। इसमें ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA), ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल (AIGC), ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज यूनियन (ECREU), ईसीआर कर्मचारी यूनियन (ECRKU) और मजदूर कांग्रेस सहित कई रेल यूनियनों ने एकजुटता दिखाई है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मंडल परिसीमन के बाद अन्य विभागों के कर्मचारियों को उनकी पसंद के अनुसार स्टेशन चुनने का अवसर दिया गया, लेकिन रनिंग स्टाफ को इस अधिकार से वंचित रखा गया। बिना किसी पूर्व सूचना के एकतरफा प्रशासनिक आदेश जारी कर तबादले किए गए, जो समानता के संवैधानिक अधिकारों के विपरीत हैं।
रविवार को आंदोलन ने नया रूप तब लिया, जब रनिंग स्टाफ की पत्नियां और बच्चे भी धरनास्थल पर पहुंचे। परिजनों ने हाथों में ‘हमें न्याय चाहिए’ और ‘अन्यायपूर्ण तबादला वापस लो’ जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर रेल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है कि अचानक हुए तबादलों से बच्चों की पढ़ाई और पारिवारिक व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
यूनियन नेताओं ने रेल परिचालन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि रनिंग स्टाफ रेल संचालन की रीढ़ होते हैं। यदि लोको पायलट और गाड़ी प्रबंधक मानसिक तनाव में रहेंगे, तो इसका सीधा असर रेल सुरक्षा पर पड़ेगा।
यूनियनों ने साफ किया कि जब तक संयुक्त प्रक्रिया आदेश जारी कर विकल्प के आधार पर तैनाती नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। |