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राम मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या अधिक होने पर इन मार्गों से होगा नियंत्रण, परिसर में बढ़ेंगे लॉकर

Chikheang 3 day(s) ago views 696
  

राम मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ने अलग मार्ग से होगा नियंत्रण।



जागरण संवाददाता, अयोध्या। प्रयाग माघ मेले का पलट प्रवाह रामनगरी में भी दिखने लगा है। इसको देखते हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शनिवार को राम मंदिर में दर्शन व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विमर्श किया। परिसर में कार्यरत सुरक्षा एजेंसियाें के अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति बनी कि महाकुंभ की भांति श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी तो न केवल रामपथ को एकल मार्ग में परिवर्तित कर दिया जाएगा, बल्कि रामजन्मभूमि परिसर में जिग-जैग मार्ग बना कर नियंत्रण होगा।

प्रमुख स्नान पर्वों के दिन दर्शनार्थी बढ़ने को लेकर समुचित व्यवस्था के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा हुई। कहा गया कि मंदिर पहुंचने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुगमता से दर्शन कराना प्राथमिकता में रहे।

ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र और एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे के नेतृत्व में यात्री सुविधा केंद्र के सभागार में हुई बैठक में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के द्वितीय कमान अधिकारी स्वतंत्र कुमार शुक्ल, मंदिर मजिस्ट्रेट अशोक कुमार सैनी, सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट विनय कुमार सिंह और पीएसी के डिप्टी कमांडेंट प्रदीप यादव मौजूद रहे।

इनके अलावा, सीओ परिसर योगेंंद्र कुमार, रामजन्मभूमि पुलिस चौकी प्रभारी सुनील कुमार, रेडियो शाखा प्रभारी अर्जुनदेव सहित एटीएस, एसएसएफ, बीडीडीएस, एलआईयू व अन्य एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में तय हुआ कि प्रमुख स्नान पर्वों और इसके अगले दिन यहां श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ाेतरी हो सकती है। इसको देखते हुए राम मंदिर प्रांगण में बंद पड़ी दो दर्शन लेन को भी खोला जाए, यात्री सुविधा केंद्र और अंगद टीले पर लाकरों की संख्या बढ़ाई जाए।

रामजन्मभूमि पथ के बैगेज स्कैनर प्वाइंट पर पांच स्कैनर और बढ़ाए जाएं, पीएफसी के सामने जिग-जैग मार्ग तैयार कर दर्शन के लिए दर्शनार्थियों को भेजा जाए, सुग्रीव किला के पास के होल्डिंग एरिया को सक्रिय करके श्रद्धालुओं को थोड़े-थोड़े अंतराल पर दर्शन के लिए भेजा जाए, श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अंगद टीला के निकासी मार्ग पर शिविर लगाए जाए।

एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि दर्शनार्थी बढ़ने पर परिसर के प्रत्येक प्रवेश द्वारों पर चेकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। सिविल ड्रेस में अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा और सीसी कैमरों, एंटी ड्रोन सिस्टम व दूरबीन से निगरानी कराई जाएगी।
माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व


        
    • पौष पूर्णिमा- तीन जनवरी
        
    • मकर संक्रांति- 15 जनवरी
        
    • मौनी अमावस्या- 18 जनवरी
        
    • बसंत पंचमी- 23 जनवरी
        
    • माघी पूर्णिमा- एक फरवरी
        
    • महाशिवरात्रि- 15 फरवरी

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