राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार के फैसले को सराहा। फाइल फोटो
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए जारी किए गए ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी नियमों को एक अहम उपलब्धि बताया है। उन्होंने इस फैसले पर सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि यह फैसला भले ही छोटा लगे, लेकिन गिग इकोनॉमी से जुड़े लाखों कामगारों के लिए यह एक जरूरी और सकारात्मक शुरुआत है।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए गिग वर्कर्स को बधाई दी और कहा कि अब उनके काम को औपचारिक पहचान मिलने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से गिग वर्कर्स बिना किसी सामाजिक सुरक्षा के काम कर रहे थे और अब स्थिति बदलने की उम्मीद जगी है।
Congratulations to all Gig Workers and Delivery Partners. There is good news for you.
Central Government’s draft Social Security Rules are the first step towards recognition, protection and dignity for your work.
Even though the Platforms (Zomato, Swiggy, Blinkit, etc.) chose… pic.twitter.com/tD7iyI25k6 — Raghav Chadha (@raghav_chadha) January 4, 2026
चड्ढा ने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियों ने पहले इन कामगारों की चिंताओं को नजरअंदाज किया, लेकिन अब सरकार की पहल से उन्हें सुरक्षा और सम्मान देने की प्रक्रिया शुरू हुई है। उन्होंने इसे एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण जीत बताया।
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सामाजिक सुरक्षा पात्र के होंगे पात्र
ड्राफ्ट नियमों के तहत गिग वर्कर्स को आधिकारिक पहचान दी जाएगी, जिससे वे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ सकेंगे। प्रस्तावित नियमों के अनुसार यदि कोई गिग वर्कर किसी एक प्लेटफॉर्म के साथ एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम तय अवधि तक काम करता है, तो वह सामाजिक सुरक्षा लाभ के लिए पात्र होगा।
एक से अधिक प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले वर्कर्स के लिए भी कुल कार्य अवधि के आधार पर पात्रता तय की गई है।
क्या होंगे गिग वर्कर्स को फायदे
नए नियम लागू होने के बाद गिग वर्कर्स को पहचान पत्र और यूनिक अकाउंट से जोड़े जाने की संभावना है। इसके साथ ही उन्हें जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। भविष्य में सोशल सिक्योरिटी फंड के जरिए पेंशन जैसी योजनाओं का रास्ता भी खुल सकता है।
इस पहल से फूड डिलीवरी, कैब सर्विस और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कामगारों को आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता का भरोसा मिलेगा। साथ ही उन्हें असंगठित श्रेणी से बाहर निकालकर एक संरक्षित कार्यबल के रूप में देखा जाएगा।
आधुनिक अर्थव्यवस्था की अहम कड़ी
राघव चड्ढा ने कहा कि गिग वर्कर्स आधुनिक अर्थव्यवस्था की अहम कड़ी हैं और उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इन नियमों को और मजबूत किया जाएगा ताकि कामगारों को वास्तविक और स्थायी लाभ मिल सके।
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