एलन मस्क। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रीढ़ की गंभीर चोट या लकवे की वजह शारीरिक सुन्नपन या अपंगता झेल रहे लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण जगी है। टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने दावा किया है कि उनकी ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस कंपनी न्यूरालिंक के जरिये भविष्य में रीढ़ की गंभीर चोट झेल रहे लोगों की पूरे शरीर की कार्यक्षमता बहाल की जा सकती है।
मस्क के अनुसार, यह तकनीक भौतिकी के लिहाज से पूरी तरह संभव है। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा एक पोस्ट और वीडियो में मस्क ने कहा कि न्यूरालिंक की तकनीक मोटर कोर्टेक्स पर केंद्रित है और यह दिमाग से क्षतिग्रस्त नसों के हिस्से को बायपास कर संचार को फिर से जोड़ सकती है। इससे गर्दन या रीढ़ में नसों के कट जाने के बावजूद शरीर के अंगों को दोबारा काम करने में मदद मिल सकती है।
कोर्टेक्स के साथ संवाद में न्यूरालिंक पुल का काम कर सकती है। न्यूरालिक का यह फीचर पहली बार वर्ष 2022 में सामने आया था और उसी साल मानव परीक्षण भी शुरू हो गए थे। कंपनी के अनुसार, इसके एन1 इम्प्लांट में 64 थ्रेड्स के जरिये जुड़े 1,024 इलेक्ट्रोड होते हैं, जिन्हें दिमाग में लगाया जाता है। सितंबर तक 12 मरीजों में यह चिप प्रत्यारोपित की जा चुकी है।
शुरुआती नतीजों में मरीज सिर्फ दिमाग की मदद से कंप्यूटर चलाने, इंटरनेट इस्तेमाल करने और वीडियो गेम खेलने में सफल रहे हैं। दृष्टिहीनों के जीवन में भी उम्मीद की रोशनी इसके अलावा, न्यूरालिंक ने ब्लाइंडसाइट नामक ब्रेन चिप के जरिये दृष्टि बहाली की दिशा में भी बड़ी प्रगति का दावा किया है। इस डिवाइस को सितंबर 2024 में अमेरिकी एफडीए से “ब्रेकथ्रू डिवाइस\“\“ का दर्जा मिला था।
मस्क के अनुसार, यह तकनीक जन्म से नेत्रहीन लोगों को भी देखने में सक्षम बना सकती है, बशर्ते उनका विजुअल कोर्टेक्स सुरक्षित हो।
न्यूरालिंक क्या करती है?
न्यूरालिंक की शुरुआत 2016 में हुई थी। यह कंपनी एक खास चिप बना रही है जिसे सीधे इंसान के दिमाग में लगाया जाता है। यह चिप दिमाग से निकलने वाले संकेतों को समझकर उन्हें कंप्यूटर या डिजिटल डिवाइस के आदेशों में बदल देती है। सिक्के के आकार की यह चिप बेहद पतले धागों के जरिए दिमाग से जुड़ी रहती है।
मस्क ने एक्स पर बताया है कि कंपनी 2026 तक ब्रेन इम्प्लांट का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की तैयारी कर रही है। साथ ही सर्जरी की प्रक्रिया को भी काफी हद तक स्वचालित बनाने की योजना है।
(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ) |
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