राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार की दीर्घकालिक सिंचाई कोष योजना (एटीआइएफ) के तहत तीन बड़ी सिंचाई योजनाओं को गति मिलने जा रही है नाबार्ड ने इनके लिए 6,431.34 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इनमें बुंदेलखंड क्षेत्र में अर्जुन सहायक नहर, पूर्वांचल के क्षेत्र में सरयू नहर और संभल, मुरादाबाद व अमरोहा में मध्य गंगा नहर परियोजना के दूसरे चरण का निर्माण किया जाएगा। ये परियोजनाएं पूर्वी, पश्चिमी यूपी में बाढ़ नियंत्रण के साथ बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाएंगीं।
केंद्र की इस योजना में नाबार्ड के सहयोग से देश के 18 राज्यों में 99 मध्यम और प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण और क्षमता विस्तार किया जा रहा है। पिछले दिनों मुख्य सचिव शशि प्रताप गोयल के साथ बैठक में नाबार्ड के अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित क्षेत्र में अर्जुन सहायक परियोजना के लिए 1,353.86 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। ये परियोजना महोबा, हमीरपुर और बांदा जिलों को कवर करती है।
सरयू नहर के लिए 1,899.35 करोड रुपये स्वीकृत किये गये हैं, इसका दायरा बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, संतकबीरनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर तक है। परियोजना के निर्माण से इन जिलों को जल संकट से निजात मिलेगी। सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिनी नदी के अतिरिक्त पानी का चैनलाइजेशन कर कृषि क्षेत्र और उत्पादन में भी वृद्धि लाएगी। वहीं मध्य गंगा चरण-2 के लिए नाबार्ड ने 3,178.04 करोड रुपये स्वीकृत किए है। इससे गंगा बेसिन के क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई क्षमता में सुधार होगा। |